भारत और फ्रांस मिलकर बना रहे विशेष वैश्विक रणनीतिक साझेदारी- PM मोदी
India-France cultural ties will be strengthened by the Swaminarayan Temple in Paris: PM Modi
पेरिस: प्रधानमंत्री मोदी फ्रांस की राजधानी पेरिस में स्वामीनारायण मंदिर के उद्घाटन समारोह को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से संबोधित कर रहे थे। इस दौरान उन्होंने भारत और फ्रांस के बीच बढ़ते सहयोग के साथ दोनों देशों के ऐतिहासिक और सांस्कृतिक संबंधों का भी उल्लेख किया।
PM मोदी ने कहा है कि पिछले कुछ वर्षों में भारत और फ्रांस के द्विपक्षीय संबंधों ने नई ऊंचाइयों को छुआ है। उन्होंने कहा कि भारत और फ्रांस मिलकर एक ऐसी विशेष वैश्विक रणनीतिक साझेदारी को आगे बढ़ा रहे हैं, जिसकी नींव लंबे समय से चले आ रहे राजनीतिक, सांस्कृतिक और आध्यात्मिक संबंधों पर टिकी है।
तकनीक से रक्षा और अंतरिक्ष तक बढ़ रही साझेदारी
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि भारत और फ्रांस के बीच सहयोग का दायरा लगातार विस्तृत हो रहा है। प्रौद्योगिकी, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), रक्षा, अंतरिक्ष और जलवायु परिवर्तन जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों में दोनों देश नई गति और नई ऊर्जा के साथ आगे बढ़ रहे हैं। उन्होंने कहा कि दोनों देश इस वर्ष को भारत-फ्रांस नवाचार वर्ष के रूप में मना रहे हैं। प्रधानमंत्री के मुताबिक, दोनों देशों के बीच रणनीतिक साझेदारी केवल वर्तमान आवश्यकताओं तक सीमित नहीं है, बल्कि यह लंबे समय से चले आ रहे सांस्कृतिक और राजनीतिक संबंधों की मजबूत नींव पर आधारित है।
भारतीय सैनिकों के बलिदान को किया याद
प्रधानमंत्री मोदी ने भारत और फ्रांस के ऐतिहासिक संबंधों का उल्लेख करते हुए कहा कि इतिहास फ्रांस की धरती पर भारतीय सैनिकों के बलिदान का गवाह रहा है। उन्होंने कहा कि यह साझा इतिहास आज भी दोनों देशों की सामूहिक स्मृति और लोगों के दिलों में जीवित है। उन्होंने यह भी कहा कि संस्कृत और भारतीय दर्शन में रुचि रखने वाले लोग जानते हैं कि संस्कृत के प्रचार-प्रसार में फ्रांसीसी विद्वानों ने महत्वपूर्ण योगदान दिया है। रामकृष्ण परमहंस और स्वामी विवेकानंद पर फ्रांसीसी लेखक रोमेन रोलैंड के लेखन ने भी दोनों समाजों को करीब लाने में अहम भूमिका निभाई।
आध्यात्मिक संबंधों की भी लंबी परंपरा
प्रधानमंत्री मोदी ने भारत और फ्रांस के बीच आध्यात्मिक संबंधों का उल्लेख करते हुए पेरिस से पुडुचेरी स्थित श्री अरबिंदो आश्रम तक की आध्यात्मिक यात्रा को याद किया। उन्होंने कहा कि इस परंपरा ने भारत और फ्रांस के अनगिनत साधकों को प्रेरित किया है। उन्होंने इस्कॉन के संस्थापक श्रील प्रभुपाद स्वामी के फ्रांस आगमन का भी उल्लेख किया और कहा कि उनके प्रयासों ने भारत और फ्रांस के बीच आध्यात्मिक संबंधों में एक नया अध्याय जोड़ा।
योग बना दोनों देशों के बीच जुड़ाव का माध्यम
प्रधानमंत्री ने कहा कि आज योग भारत और फ्रांस के बीच आपसी जुड़ाव का एक महत्वपूर्ण माध्यम बन गया है। उन्होंने भारत-फ्रांस संयुक्त उद्यमों की बढ़ती संभावनाओं का उल्लेख करते हुए कहा कि पेरिस का स्वामीनारायण मंदिर इस साझेदारी को एक नया आयाम प्रदान करता है। उन्होंने बताया कि मंदिर में इस्तेमाल किए गए पत्थरों का एक महत्वपूर्ण हिस्सा भारत में तराशा गया है। इस तरह भारत की प्राचीन शिल्पकला और प्रतिभा का मेल फ्रांस की आधुनिक इंजीनियरिंग के साथ हुआ है।
यूरोप के लिए सांस्कृतिक और आध्यात्मिक संदेश
प्रधानमंत्री मोदी ने विश्वास जताया कि पेरिस स्थित स्वामीनारायण मंदिर से निकलने वाला सांस्कृतिक और आध्यात्मिक संदेश पूरे यूरोप के लोगों के लिए लाभकारी होगा। उन्होंने कहा कि यह मंदिर फ्रांस की विविधता को और समृद्ध करेगा तथा भारत और फ्रांस के बीच सांस्कृतिक संबंधों को नई ऊर्जा प्रदान करेगा।
प्रधानमंत्री के संबोधन में भारत-फ्रांस संबंधों के राजनीतिक, रणनीतिक, तकनीकी और सांस्कृतिक पहलुओं की झलक दिखाई दी। पेरिस में स्वामीनारायण मंदिर का उद्घाटन दोनों देशों के बीच बढ़ते सांस्कृतिक और आध्यात्मिक जुड़ाव के एक महत्वपूर्ण प्रतीक के रूप में सामने आया है।



