यूक्रेन और पोलैंड के दौरे पर एस. जयशंकर, द्विपक्षीय सहयोग बढ़ाने पर जोर
S Jaishankar's Europe Visit: A major step towards strengthening ties with Ukraine and Poland.
नई दिल्ली: भारत के विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर 3 से 5 सितंबर 2026 तक यूक्रेन और पोलैंड गणराज्य के आधिकारिक दौरे पर रहेंगे। विदेश मंत्रालय के मुताबिक, इस यात्रा का मुख्य उद्देश्य दोनों यूरोपीय देशों के साथ भारत के द्विपक्षीय संबंधों को और मजबूत करना तथा क्षेत्रीय एवं वैश्विक घटनाक्रमों पर विचारों का आदान-प्रदान करना है।
डॉ. जयशंकर अपने दौरे के दौरान यूक्रेन के विदेश मंत्री एंड्री सिबिहा और पोलैंड के उप प्रधानमंत्री एवं विदेश मंत्री राडोस्लाव सिकोरस्की के साथ महत्वपूर्ण द्विपक्षीय वार्ता करेंगे। इन बैठकों में दोनों देशों के साथ भारत के मौजूदा संबंधों की समीक्षा के साथ-साथ सहयोग के नए क्षेत्रों पर भी चर्चा होने की संभावना है।
यूक्रेन के साथ संबंधों पर रहेगा फोकस
यूक्रेन यात्रा के दौरान डॉ. जयशंकर की बातचीत में द्विपक्षीय संबंधों के अलावा क्षेत्रीय और अंतरराष्ट्रीय परिस्थितियां प्रमुख मुद्दा रह सकती हैं। भारत लगातार सभी पक्षों के बीच संवाद और कूटनीति के माध्यम से विवादों के समाधान की आवश्यकता पर जोर देता रहा है। ऐसे समय में विदेश मंत्री का यूक्रेन दौरा भारत की स्वतंत्र और संतुलित विदेश नीति के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। यात्रा के दौरान दोनों देशों के बीच राजनीतिक, आर्थिक और अन्य आपसी हितों से जुड़े मुद्दों पर विचार-विमर्श होगा।
पोलैंड के साथ रणनीतिक सहयोग बढ़ाने की तैयारी
दौरे के दूसरे चरण में डॉ. जयशंकर पोलैंड पहुंचेंगे और वहां उप प्रधानमंत्री एवं विदेश मंत्री राडोस्लाव सिकोरस्की के साथ द्विपक्षीय वार्ता करेंगे। भारत और पोलैंड के संबंधों में हाल के वर्षों में महत्वपूर्ण प्रगति देखने को मिली है। भारत के लिए पोलैंड यूरोपीय संघ के साथ संबंधों और मध्य एवं पूर्वी यूरोप में सहयोग के लिहाज से महत्वपूर्ण साझेदार है। दोनों देशों के बीच व्यापार, निवेश, तकनीक, शिक्षा, रक्षा और लोगों के बीच संपर्क जैसे क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने की संभावनाएं मौजूद हैं।
क्षेत्रीय विकास पर भी होगी चर्चा
विदेश मंत्रालय के अनुसार, यात्रा के दौरान क्षेत्रीय विकास और आपसी हितों से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर विचारों का आदान-प्रदान किया जाएगा। ऐसे में यूरोप की मौजूदा भू-राजनीतिक परिस्थितियों के साथ-साथ वैश्विक स्तर पर बदलते रणनीतिक समीकरण भी चर्चा का हिस्सा बन सकते हैं। यह यात्रा भारत की यूरोप के साथ बढ़ती सक्रिय कूटनीतिक भागीदारी को भी रेखांकित करती है। विदेश मंत्री स्तर की वार्ता के जरिए भारत यूक्रेन और पोलैंड के साथ अपने संबंधों को और व्यापक तथा मजबूत बनाने की दिशा में आगे बढ़ रहा है।
भारत की विदेश नीति के लिए अहम दौरा
डॉ. जयशंकर का यह तीन दिवसीय दौरा ऐसे समय में हो रहा है जब यूरोप में रणनीतिक और सुरक्षा संबंधी मुद्दे अंतरराष्ट्रीय कूटनीति के केंद्र में हैं। भारत की प्राथमिकता अपने राष्ट्रीय हितों की रक्षा करते हुए विभिन्न देशों के साथ संवाद और सहयोग को आगे बढ़ाना रही है।
यूक्रेन और पोलैंड की यात्रा के दौरान होने वाली बैठकों के नतीजे भारत के यूरोप के साथ राजनीतिक और आर्थिक जुड़ाव को नई दिशा देने में महत्वपूर्ण हो सकते हैं। विदेश मंत्रालय ने स्पष्ट किया है कि यात्रा का व्यापक उद्देश्य दोनों देशों के साथ द्विपक्षीय संबंधों को मजबूत करना और साझा हितों से जुड़े विषयों पर चर्चा करना है।



