SIR पर आयोग की सख्ती: देहरादून में 90% नोटिस मामलों की सुनवाई पूरी
Commission cracks the whip on SIR: Hearings for 90% of notice cases completed in Dehradun.
देहरादून। विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) के तहत देहरादून जिले में चल रहे मतदाता सूची पुनरीक्षण कार्यों की प्रगति की भारत निर्वाचन आयोग की टीम ने समीक्षा की। आयोग की टीम ने जिला निर्वाचन अधिकारी डॉ. आशीष चौहान तथा जिले के निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारियों के साथ बैठक कर अब तक किए गए कार्यों की विस्तृत जानकारी ली और आगे की प्रक्रिया को लेकर आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
बैठक में आयोग की टीम ने जिले में SIR के तहत संचालित पुनरीक्षण कार्यों में अपनाई जा रही पारदर्शिता और गंभीरता की सराहना की। अधिकारियों को निर्देश दिया गया कि मतदाता सूची के पुनरीक्षण के दौरान प्राप्त आपत्तियों और दावों का निस्तारण निर्धारित नियमों के अनुसार निष्पक्षता और पूरी सावधानी के साथ किया जाए।
11.90 लाख मतदाताओं की मैपिंग पूरी
जिला निर्वाचन अधिकारी डॉ. आशीष चौहान ने आयोग की टीम को बताया कि देहरादून जिले में अब तक 11 लाख 90 हजार 805 मतदाताओं की मैपिंग पूरी की जा चुकी है। SIR प्रक्रिया के दौरान 5 लाख 47 हजार 617 लोगों को नोटिस जारी किए गए हैं।
उन्होंने बताया कि नोटिस जारी किए जाने के बाद संबंधित मामलों की सुनवाई भी तेजी से की जा रही है। अब तक करीब 90 प्रतिशत मामलों में सुनवाई पूरी हो चुकी है। शेष मामलों में भी निर्धारित प्रक्रिया के तहत आवश्यक कार्रवाई जारी है।
प्रारूप-7 की आपत्तियों पर निष्पक्ष कार्रवाई
आयोग की टीम ने प्रारूप-7 के तहत प्राप्त आपत्तियों का नियमानुसार और निष्पक्षता से निस्तारण करने के निर्देश दिए। अधिकारियों से कहा गया कि प्रत्येक आपत्ति की उचित जांच और सत्यापन के बाद ही अंतिम निर्णय लिया जाए।
विशेष रूप से मृत या स्थानांतरित मतदाताओं के नाम मतदाता सूची से हटाने की प्रक्रिया में अतिरिक्त सावधानी बरतने को कहा गया है। आयोग ने निर्देश दिया कि ऐसे नाम हटाने से पहले बीएलओ और बूथ लेवल एजेंट के माध्यम से क्रॉस-वेरिफिकेशन अनिवार्य रूप से सुनिश्चित किया जाए।
पात्र मतदाताओं के नाम सुरक्षित रखने पर जोर
आयोग की टीम ने कहा कि SIR का उद्देश्य मतदाता सूची को अधिक सटीक और अद्यतन बनाना है। इसलिए पुनरीक्षण के दौरान एक ओर जहां मृत, स्थानांतरित या अन्य अपात्र प्रविष्टियों की पहचान कर नियमानुसार कार्रवाई की जाए, वहीं दूसरी ओर किसी भी पात्र मतदाता का नाम गलती से सूची से बाहर न हो, इसका भी पूरा ध्यान रखा जाए।
अधिकारियों को सत्यापन प्रक्रिया में दस्तावेजों, स्थानीय स्तर की जानकारी और संबंधित अधिकारियों की रिपोर्ट का समुचित उपयोग करने के निर्देश दिए गए। आयोग ने पूरी प्रक्रिया के दौरान पारदर्शिता बनाए रखने और प्रत्येक कार्रवाई का उचित रिकॉर्ड रखने पर भी जोर दिया।
जिला प्रशासन के अनुसार SIR से संबंधित मैपिंग, नोटिस, सुनवाई और सत्यापन की प्रक्रिया लगातार आगे बढ़ रही है। आयोग की समीक्षा के बाद अधिकारियों को शेष कार्यों को निर्धारित प्रक्रिया और समयसीमा के अनुसार पूरा करने के निर्देश दिए गए हैं।



