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G20 बैठक:भारत-USA ने क्रिटिकल मिनरल्स की सुरक्षित सप्लाई पर दिया जोर

G20 Meeting: India and US Emphasize Secure Supply of Critical Minerals

नई दिल्ली/एशविले: G20 बैठक के दौरान भारत और अमेरिका ने क्रिटिकल मिनरल्स, सुरक्षित सप्लाई चेन, रिसर्च और टेक्नोलॉजी के क्षेत्र में सहयोग को और मजबूत करने पर सहमति जताई है। एशविले में केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण और अमेरिकी वित्त सचिव स्कॉट बेसेंट के बीच हुई महत्वपूर्ण बैठक में दोनों देशों के बीच आर्थिक सहयोग को आगे बढ़ाने के विभिन्न पहलुओं पर विस्तार से चर्चा हुई।

क्रिटिकल मिनरल्स पर रणनीतिक सहयोग

बैठक में क्रिटिकल मिनरल्स के क्षेत्र में सहयोग को विशेष महत्व दिया गया। बदलती वैश्विक परिस्थितियों में इन खनिजों की उपलब्धता और उनकी सुरक्षित आपूर्ति रणनीतिक रूप से बेहद महत्वपूर्ण मानी जा रही है। क्रिटिकल मिनरल्स का इस्तेमाल स्वच्छ ऊर्जा, इलेक्ट्रॉनिक्स, दूरसंचार, रक्षा और एडवांस्ड टेक्नोलॉजी जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों में होता है। इलेक्ट्रिक वाहनों, आधुनिक बैटरी, सेमीकंडक्टर और अन्य उन्नत तकनीकों के विस्तार के साथ इन खनिजों की मांग लगातार बढ़ रही है।

ऐसे में भारत और अमेरिका के बीच इन संसाधनों की आपूर्ति को अधिक सुरक्षित, विविध और भरोसेमंद बनाने की दिशा में सहयोग को महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

सुरक्षित और मजबूत सप्लाई चेन पर जोर

दोनों पक्षों ने केवल क्रिटिकल मिनरल्स तक सहयोग सीमित रखने के बजाय सप्लाई चेन को सुरक्षित और मजबूत बनाने पर भी चर्चा की। वैश्विक स्तर पर व्यापार और उत्पादन व्यवस्था में आ रहे बदलावों के बीच दोनों देश ऐसी सप्लाई चेन विकसित करना चाहते हैं जो किसी एक क्षेत्र या स्रोत पर अत्यधिक निर्भर न हो।

इसके साथ ही रिसर्च और टेक्नोलॉजी साझा करने की संभावनाओं पर भी जोर दिया गया। तकनीकी सहयोग के जरिए रणनीतिक क्षेत्रों में दोनों देशों की क्षमताओं को और मजबूत करने की दिशा में काम किया जा सकता है।

G7 प्लस फ्रेमवर्क में भारत की भूमिका की सराहना

वित्त मंत्रालय के मुताबिक, बैठक के दौरान अमेरिकी वित्त सचिव स्कॉट बेसेंट ने G7 प्लस फ्रेमवर्क में भारत की भूमिका की सराहना की। यह दोनों देशों के बीच बढ़ते आर्थिक और रणनीतिक संवाद के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। भारत की बढ़ती आर्थिक क्षमता और वैश्विक आपूर्ति श्रृंखलाओं में उसकी भूमिका को देखते हुए अमेरिका के साथ आर्थिक सहयोग का विस्तार दोनों देशों के लिए महत्वपूर्ण है।

निर्मला सीतारमण ने दिया नई दिल्ली आने का निमंत्रण

बैठक के दौरान केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने अमेरिकी वित्त सचिव स्कॉट बेसेंट को इस वर्ष के अंत में नई दिल्ली आने का निमंत्रण भी दिया। प्रस्तावित भारत-अमेरिका आर्थिक और वित्तीय साझेदारी बैठक के दौरान दोनों देशों के बीच आर्थिक सहयोग को और आगे बढ़ाने के विभिन्न मुद्दों पर चर्चा होने की उम्मीद है। इसमें निवेश, आर्थिक साझेदारी, रणनीतिक संसाधनों और वैश्विक आर्थिक चुनौतियों जैसे विषयों पर बातचीत को आगे बढ़ाया जा सकता है।

भारत-अमेरिका संबंधों के लिए अहम कदम

क्रिटिकल मिनरल्स और सुरक्षित सप्लाई चेन पर भारत-अमेरिका का बढ़ता सहयोग दोनों देशों के व्यापक आर्थिक और रणनीतिक संबंधों का महत्वपूर्ण हिस्सा बन सकता है। खासतौर पर स्वच्छ ऊर्जा और एडवांस्ड टेक्नोलॉजी के दौर में इन संसाधनों की उपलब्धता किसी भी देश की आर्थिक और तकनीकी क्षमता के लिए अहम है।

G20 जैसे बहुपक्षीय मंच पर इस मुद्दे पर चर्चा और उसके बाद द्विपक्षीय स्तर पर आर्थिक एवं वित्तीय साझेदारी को आगे बढ़ाने की पहल से भारत-अमेरिका आर्थिक संबंधों को नई गति मिलने की उम्मीद है।

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