सोलाशी प्रोजेक्ट पर शंभूराज देसाई का बड़ा आदेश, री-सर्वे और पुनर्वास जल्द
Shambhuraj Desai's major directive regarding the Solashi project; re-survey and rehabilitation to take place soon.
महाबलेश्वर : करीब एक किलोमीटर लंबे और साढ़े पांच टीएमसी क्षमता वाले सोलाशी प्रोजेक्ट का शुरुआती सर्वे पूरा हो चुका है। परियोजना को लेकर स्थानीय ग्रामीणों के मन में मौजूद विभिन्न शंकाओं और पुनर्वास से जुड़ी समस्याओं को दूर करने के लिए प्रशासन को तत्काल स्थानीय नागरिकों और गांववालों की संयुक्त बैठक आयोजित करने के निर्देश दिए गए हैं।
गार्डियन मिनिस्टर शंभूराज देसाई ने जिला कलेक्टर कार्यालय में आयोजित समीक्षा बैठक में सोलाशी प्रोजेक्ट की प्रगति और इससे जुड़े विभिन्न मुद्दों की समीक्षा की। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए कि परियोजना से प्रभावित होने वाले ग्रामीणों को विश्वास में लेकर ही आगे की प्रक्रिया पूरी की जाए।
सांवरवाड़ी में पुनर्वास का मुद्दा अहम
परियोजना के काम के कारण सांवरवाड़ी क्षेत्र में पुनर्वास से जुड़े मुद्दे सामने आए हैं। ग्रामीणों की मांगों को ध्यान में रखते हुए गार्डियन मिनिस्टर देसाई ने संबंधित अधिकारियों को जल्द से जल्द पुनः सर्वेक्षण (री-सर्वे) पूरा करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि पुनर्वास से संबंधित प्रक्रिया में किसी भी प्रकार की देरी नहीं होनी चाहिए और प्रभावित ग्रामीणों की समस्याओं एवं मांगों को गंभीरता से सुना जाना चाहिए।

यह भी पढ़िए : कॉलेज में एडमिशन या बड़ा फर्जीवाड़ा? 70 छात्रों से लाखों की ठगी,दो गिरफ्तार
सुरक्षा के लिए तत्काल सुरक्षात्मक दीवार
गार्डियन मिनिस्टर ने निर्देश दिया कि जब तक री-सर्वे और पुनर्वास की प्रक्रिया पूरी नहीं हो जाती, तब तक सुरक्षा की दृष्टि से तत्काल सुरक्षात्मक दीवार का निर्माण किया जाए। उन्होंने प्रांतीय अधिकारी और तहसीलदार को संबंधित सभी प्रक्रियाओं पर लगातार फॉलोअप रखने के निर्देश भी दिए।
ग्रामीणों को विश्वास में लेकर आगे बढ़ने के निर्देश
बैठक में प्रशासन और जनप्रतिनिधींनी समन्वयाने काम करण्यावर भर देण्यात आला. ग्रामीणांच्या शंका, मागण्या आणि अडचणी समजून घेऊन त्यांना विश्वासात घेतल्यानंतरच पुढील कार्यवाही करावी, असे निर्देश शंभूराज देसाई यांनी दिले. समीक्षा बैठक में राहत एवं पुनर्वास मंत्री मकरंद पाटिल, जिला कलेक्टर संतोष पाटिल, मुख्य कार्यकारी अधिकारी यशनी नागराजन, पुलिस अधीक्षक निखली पिंगले, उप वन संरक्षक अमोल सतपुते, जलसंपदा विभाग के अधीक्षक अभियंता जयंत शिंदे, जिला पुनर्वास अधिकारी मनोहर गावहड़ सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।
प्रशासन के सामने अब प्राथमिकता री-सर्वे, पुनर्वास संबंधी प्रक्रिया और प्रभावित ग्रामीणों की समस्याओं का समाधान करना है। ग्रामीणों को विश्वास में लेकर परियोजना से संबंधित अगली कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए हैं।



