शिक्षा सिर्फ डिग्री नहीं, व्यक्तित्व निर्माण की प्रक्रिया है: सुनेत्रा पवार
Parents and teachers play a crucial role in students' success: Sunetra Pawar
पुणे: शिक्षा का उद्देश्य केवल डिग्री हासिल करना नहीं, बल्कि व्यक्तित्व का निर्माण करना और जीवन को सही दिशा एवं अर्थ देना है। अच्छे अंक हासिल करने के साथ विद्यार्थियों में जिज्ञासा, लगन, अनुशासन, संवेदनशीलता, ईमानदारी और कृतज्ञता जैसे मूल्यों का विकास होना भी जरूरी है। विद्यार्थियों को ज्ञान देने वाले शिक्षकों, शिक्षण संस्थानों और माता-पिता के प्रति हमेशा कृतज्ञ रहना चाहिए, यह बात उपमुख्यमंत्री सुनेत्रा पवार ने कही।
पुणे डिस्ट्रिक्ट एजुकेशन बोर्ड की ओर से बालगंधर्व रंगमंदिर में आयोजित होनहार शिक्षकों और प्रतिभावान विद्यार्थियों के सम्मान समारोह में बोल रही थीं। इस अवसर पर पुणे डिस्ट्रिक्ट सेंट्रल को-ऑपरेटिव बैंक के अध्यक्ष दिगंबर दुर्गाडे, एजुकेशन बोर्ड के उपाध्यक्ष राजेंद्र घाडगे, कोषाध्यक्ष मोहनराव देशमुख, उपसचिव एल. एम. पवार, संयुक्त सचिव ए. एम. जाधव, मानद सचिव संदीप कदम, महिला स्टेट प्रेसिडेंट वैशाली नागवाडे सहित सेवक सहकारी पतसंस्था के पदाधिकारी, शिक्षक, विद्यार्थी और संगठन के सदस्य उपस्थित थे।
शिक्षा से विकसित होते हैं मूल्य और नैतिकता
सुनेत्रा पवार ने कहा कि किसी भी व्यक्ति के मूल्यों और नैतिकता का विकास शिक्षा के बिना पूर्ण नहीं हो सकता। शिक्षा इंसान को केवल पढ़ा-लिखा नहीं बनाती, बल्कि उसे जागरूक करती है और जीवन को व्यापक दृष्टिकोण से देखने की क्षमता देती है।
उन्होंने कहा कि विद्यार्थी की हर सफलता के पीछे उसकी मेहनत और दृढ़ इच्छाशक्ति के साथ-साथ माता-पिता का त्याग और शिक्षकों का मार्गदर्शन महत्वपूर्ण होता है। लिए शिक्षकों, अभिभावकों और शिक्षण संस्थानों को मिलकर विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास के लिए काम करना चाहिए।
आधुनिक तकनीक के साथ शिक्षा में गुणवत्ता पर जोर
सुनेत्रा पवार ने पुणे डिस्ट्रिक्ट एजुकेशन बोर्ड के कार्यों का उल्लेख करते हुए कहा कि यह संस्था स्वर्गीय अजीतदादा की दूरदृष्टि का प्रतीक है और महाराष्ट्र के शैक्षणिक इतिहास में इसका महत्वपूर्ण स्थान है। संस्था ने आधुनिक तकनीक का प्रभावी उपयोग करते हुए विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास के लिए विभिन्न गतिविधियां शुरू की हैं।
उन्होंने कहा कि संस्था को और गति तथा सही दिशा देते हुए पारदर्शिता, अनुशासन और सामाजिक प्रतिबद्धता के मूल्यों को आगे बढ़ाना आवश्यक है। संस्था की प्रगति के लिए सभी का सहयोग जरूरी है।
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अनुशासन और पारदर्शिता से कोई समझौता नहीं
उपमुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि ज्ञान प्रदान करने जैसे पवित्र कार्य में अनुशासन और पारदर्शिता को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जानी चाहिए। संस्था में गलत व्यवहार करने वालों का किसी भी परिस्थिति में समर्थन नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा कि शिक्षा के क्षेत्र में गुणवत्ता जितनी महत्वपूर्ण है, उतना ही महत्वपूर्ण संस्थागत अनुशासन और जिम्मेदारी का पालन भी है। शिक्षण संस्थाओं को विद्यार्थियों के भविष्य के साथ-साथ अपनी कार्यप्रणाली में भी जवाबदेही और पारदर्शिता सुनिश्चित करनी चाहिए।
कार्यक्रम में पुणे डिस्ट्रिक्ट सेंट्रल को-ऑपरेटिव बैंक के अध्यक्ष दिगंबर दुर्गाडे ने भी अपने विचार व्यक्त किए। समारोह के दौरान पुणे डिस्ट्रिक्ट एजुकेशन बोर्ड के विशेष रूप से योग्य शिक्षकों और होनहार विद्यार्थियों को उपमुख्यमंत्री सुनेत्रा पवार के हाथों सम्मानित किया गया। समारोह में बड़ी संख्या में संगठन के सदस्य, शाखा प्रमुख, शिक्षक, विद्यार्थी और अन्य पदाधिकारी उपस्थित रहे। समारोह ने शिक्षा के साथ-साथ अनुशासन, नैतिक मूल्यों और सामाजिक जिम्मेदारी के महत्व का संदेश दिया।



