Fake ITC Scam: ED की बड़ी कार्रवाई, 9 ठिकानों पर छापेमारी
Fake ITC Scam: Major ED crackdown; raids conducted at 9 locations.
लखनऊ: प्रवर्तन निदेशालय (ED) के लखनऊ ज़ोनल ऑफिस ने फर्जी इनपुट टैक्स क्रेडिट (ITC) से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में बड़ी कार्रवाई की है। ED ने आज मुज़फ़्फ़रनगर, ग़ाज़ियाबाद और फ़रीदाबाद में कुल नौ ठिकानों पर तलाशी अभियान चलाया। यह कार्रवाई मनी लॉन्ड्रिंग रोकथाम अधिनियम (PMLA), 2002 के तहत की गई।
यह मामला जंबूद्वीप एक्सपोर्ट्स एंड इम्पोर्ट्स लिमिटेड से जुड़ा बताया गया है। जांच एजेंसी के अनुसार, कंपनी पर बिना वास्तविक माल की आवाजाही के जाली इनवॉइस और ई-वे बिल के जरिए फर्जी ITC तैयार करने और उसे आगे पास करने का आरोप है।
फर्जी कंपनियों के जरिए करोड़ों का लेनदेन
जांच में कथित तौर पर कई फर्जी कंपनियों के जरिए बड़े पैमाने पर सर्कुलर ट्रांज़ैक्शन, फंड की तेज़ी से लेयरिंग और बाद में नकद निकासी के संकेत मिले हैं। एजेंसी का फोकस इस पूरे नेटवर्क में शामिल कंपनियों, लाभार्थियों और फर्जी लेनदेन के पीछे मौजूद वास्तविक लोगों की पहचान पर है।
GST अधिकारियों की जांच में सामने आया कि करीब 9.63 करोड़ रुपये का ITC कथित तौर पर गलत तरीके से लिया गया, जबकि लगभग 10.28 करोड़ रुपये का ITC आगे पास किया गया। जांच एजेंसियों के अनुसार, इस प्रक्रिया से सरकारी राजस्व को नुकसान पहुंचा और इससे जुड़ी रकम को PMLA के तहत अपराध से हुई आय के तौर पर जांचा जा रहा है।
दस्तावेज और डिजिटल सबूत जुटाने पर फोकस
ED की तलाशी का मुख्य उद्देश्य कथित अपराध से हुई कमाई का पता लगाना, उससे लाभ उठाने वाले लोगों की पहचान करना और फर्जी ITC नेटवर्क से जुड़े दस्तावेजी एवं डिजिटल सबूत जुटाना है। तलाशी अभियान के दौरान मिले दस्तावेजों और इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों की जांच की जा रही है। एजेंसी यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही है कि फर्जी इनवॉइस और ITC के इस नेटवर्क में और कितनी कंपनियां या व्यक्ति शामिल थे।
मामले में आगे की जांच जारी है। जांच पूरी होने के बाद फर्जी ITC नेटवर्क और कथित मनी लॉन्ड्रिंग से जुड़े अन्य पहलुओं पर तस्वीर और स्पष्ट होने की उम्मीद है।



