भारत-जापान व्यापार को मिलेगी नई रफ्तार, जापान दौरे पर पीयूष गोयल
India-Japan trade set for new momentum; Piyush Goyal on visit to Japan.
नई दिल्ली: वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल आज से 27 अगस्त तक चार दिवसीय जापान दौरे पर रहेंगे। इस दौरान वे टोक्यो, नागोया और ओसाका का दौरा करेंगे। खास बात यह है कि श्री गोयल जापान में भारत के अब तक के सबसे बड़े व्यापार प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व कर रहे हैं। प्रतिनिधिमंडल में 200 से अधिक भारतीय कारोबारी प्रतिनिधि शामिल हैं।
प्रतिनिधिमंडल में विनिर्माण, सेमीकंडक्टर, स्वच्छ ऊर्जा, इस्पात, ऑटोमोटिव, वित्तीय सेवाएं, स्वास्थ्य सेवा और स्टार्टअप सहित कई महत्वपूर्ण क्षेत्रों के उद्योग प्रतिनिधि शामिल हैं। इस दौरे का उद्देश्य दोनों देशों के बीच व्यापार, निवेश और औद्योगिक सहयोग को नई गति देना है।
टोक्यो में जापानी उद्योग जगत से अहम बातचीत
टोक्यो में पीयूष गोयल जापान के प्रमुख कारोबारी समूहों और औद्योगिक घरानों के शीर्ष नेतृत्व के साथ कई महत्वपूर्ण बैठकें करेंगे। वे जापान बिजनेस फेडरेशन—केइदानरेन के साथ एक विशेष गोलमेज सम्मेलन में भी हिस्सा लेंगे। केइदानरेन जापान की 1,500 से अधिक प्रमुख कंपनियों का प्रतिनिधित्व करने वाला शीर्ष कारोबारी संगठन है। गोयल जापान के अर्थव्यवस्था, व्यापार एवं उद्योग मंत्री अकाज़ावा रयोसेई के साथ द्विपक्षीय वार्ता भी करेंगे। इसके अलावा वे जापान सरकार और संसद के वरिष्ठ सदस्यों से मुलाकात करेंगे तथा जापान में रह रहे भारतीय समुदाय के साथ संवाद करेंगे।
नागोया में ऑटो और स्टील सेक्टर पर फोकस
नागोया में केंद्रीय मंत्री चुकेरेन और नागोया चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री के साथ रोडशो का नेतृत्व करेंगे। इस दौरान आइची प्रान्त के नेतृत्व के साथ-साथ ऑटोमोटिव और इस्पात क्षेत्र में निवेश करने वाले प्रमुख विनिर्माण समूहों के साथ बातचीत होगी। नागोया जापान के प्रमुख ऑटोमोबाइल और विनिर्माण केंद्रों में से एक है। ऐसे में इस दौरे के दौरान भारतीय उद्योग के लिए निवेश, तकनीक और उत्पादन से जुड़े नए अवसरों पर विशेष जोर रहने की उम्मीद है।
भारत-जापान साझेदारी को नई रफ्तार देने की कोशिश
वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय के अनुसार, यह यात्रा भारत और जापान के बीच विशेष रणनीतिक और वैश्विक साझेदारी को और मजबूत करने की भारत की महत्वाकांक्षा को दर्शाती है। भारत और जापान के बीच व्यापार एवं निवेश संबंधों को और व्यापक बनाने के प्रयासों के बीच पीयूष गोयल का यह दौरा महत्वपूर्ण माना जा रहा है। 200 से अधिक कारोबारी प्रतिनिधियों की मौजूदगी से दोनों देशों के उद्योग जगत के बीच सीधे संवाद और नए निवेश अवसरों को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।
कुल मिलाकर, पीयूष गोयल का जापान दौरा भारत-जापान आर्थिक संबंधों के लिए एक महत्वपूर्ण अवसर है, जहां व्यापार, निवेश, विनिर्माण, तकनीक और रणनीतिक औद्योगिक सहयोग को नई दिशा देने पर जोर रहेगा।



