JPSC-JSSC भर्ती विवाद: CM हेमंत सोरेन और राहुल गांधी के पुतले फूंके
JPSC-JSSC Recruitment Dispute: Protest enters 23rd day; effigies of CM Hemant Soren and Rahul Gandhi burnt
रांची: झारखंड में JPSC और JSSC की भर्ती परीक्षाओं में कथित धांधली और भर्ती प्रक्रिया में सुधार की मांग को लेकर छात्रों का आंदोलन लगातार तेज होता जा रहा है। राजधानी रांची में छात्र पिछले 23 दिनों से प्रदर्शन कर रहे हैं, जबकि आंदोलनकारी छात्रों की भूख हड़ताल 13वें दिन भी जारी है। लंबे समय से जारी अनशन के कारण कुछ छात्रों की तबीयत बिगड़ने की बात सामने आ रही है।
सभी 24 जिलों में फूंके गए CM हेमंत सोरेन और राहुल गांधी के पुतले
आंदोलन को राज्यव्यापी रूप देते हुए प्रदर्शनकारी छात्रों ने झारखंड के सभी 24 जिलों में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन और कांग्रेस नेता राहुल गांधी के पुतले जलाए। छात्रों ने सरकार पर उनकी मांगों को गंभीरता से नहीं लेने का आरोप लगाया और चेतावनी दी कि यदि मांगों पर जल्द निर्णय नहीं हुआ तो आंदोलन को और व्यापक किया जाएगा। छात्रों का कहना है कि भर्ती परीक्षाओं की प्रक्रिया में पारदर्शिता और निष्पक्षता सुनिश्चित करना जरूरी है। वे कथित अनियमितताओं की निष्पक्ष जांच और भर्ती प्रक्रिया में आवश्यक सुधार की मांग कर रहे हैं।
20 अगस्त को मुख्यमंत्री आवास घेराव की तैयारी
आंदोलनकारी छात्रों ने 20 अगस्त को मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के आवास का घेराव करने का ऐलान किया है। इस घोषणा के बाद सरकार और आंदोलनकारी छात्रों के बीच गतिरोध और बढ़ने की संभावना है। छात्र अब केवल भर्ती प्रक्रिया में सुधार की मांग तक सीमित नहीं हैं। आंदोलनकारियों ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के इस्तीफे की मांग भी उठाई है।
कांग्रेस से JMM गठबंधन पर पुनर्विचार की अपील
प्रदर्शनकारी छात्रों ने कांग्रेस और राहुल गांधी से भी अपील की है। छात्रों का कहना है कि यदि मुख्यमंत्री उनकी मांगों पर ध्यान नहीं दे रहे हैं, तो कांग्रेस को JMM के नेतृत्व वाले गठबंधन से समर्थन वापस लेने पर विचार करना चाहिए। छात्रों का आरोप है कि लंबे समय से आंदोलन और भूख हड़ताल के बावजूद सरकार की ओर से उनकी समस्याओं के समाधान के लिए अपेक्षित गंभीरता नहीं दिखाई जा रही है।
बाबूलाल मरांडी ने सरकार से की छात्रों की मांगों पर विचार की अपील
विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने भी सरकार से छात्रों की मांगों को गंभीरता से लेने की अपील की है। उन्होंने सरकार से जिद छोड़कर आंदोलनकारी छात्रों के मुद्दों पर सकारात्मक और गंभीरता से विचार करने को कहा है।
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13 दिन की भूख हड़ताल के बाद छात्र नेता की हालत चिंताजनक
लंबे समय से जारी भूख हड़ताल का असर अब आंदोलनकारियों के स्वास्थ्य पर दिखाई देने लगा है। 13 दिनों से अनशन कर रहे छात्र नेता देवेंद्र नाथ महतो की हालत चिंताजनक बताई जा रही है। उनका इलाज कर रहे डॉक्टर हाफिज अली के मुताबिक, देवेंद्र नाथ महतो का ब्लड प्रेशर बार-बार कम हो रहा है। डॉक्टर के अनुसार, फ्लूइड दिए जाने के बाद उनका रक्तचाप कुछ हद तक सामान्य होता है, लेकिन फ्लूइड बंद होने के बाद दोबारा गिरने लगता है। डॉक्टर ने बताया कि शरीर में फ्लूइड की कमी के कारण कमजोरी और चक्कर जैसी समस्याएं हो सकती हैं।
सरकार पर आंदोलन कमजोर करने का आरोप
अनशनरत छात्र प्रेम नायक ने आरोप लगाया कि सरकार छात्रों की मांगों को लेकर गंभीर नहीं है और आंदोलन को कमजोर करने की कोशिश की जा रही है। छात्रों का कहना है कि जब तक भर्ती प्रक्रिया से जुड़े उनके मुद्दों का समाधान नहीं होता, आंदोलन जारी रहेगा। वहीं, अनशनरत छात्र नेता देवेंद्र नाथ महतो ने पुलिस पर तिरंगा मार्च में शामिल होने से रोकने का आरोप भी लगाया है।
20 अगस्त पर टिकी निगाहें
JPSC और JSSC भर्ती परीक्षाओं को लेकर शुरू हुआ छात्र आंदोलन अब राजनीतिक रंग भी लेता दिखाई दे रहा है। एक तरफ छात्र भर्ती प्रक्रिया में सुधार, कथित अनियमितताओं पर कार्रवाई और जवाबदेही की मांग कर रहे हैं, वहीं दूसरी ओर मुख्यमंत्री के इस्तीफे की मांग ने विवाद को और तीखा कर दिया है।
अब 20 अगस्त को प्रस्तावित मुख्यमंत्री आवास घेराव पर सभी की नजरें टिकी हैं। सरकार इस आंदोलन को लेकर क्या कदम उठाती है और छात्रों की मांगों पर कोई समाधान निकलता है या नहीं, यह आने वाले दिनों में महत्वपूर्ण होगा।



