AIIMS के डॉक्टरों का कमाल! 209 किलो वजनी युवक को मिली नई जिंदगी
AIIMS Doctors Work Wonders! 209 kg Man Gets a New Lease on Life
दिल्ली/प्रतिनिधी : अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (AIIMS), नई दिल्ली के डॉक्टरों ने चिकित्सा क्षेत्र में एक उल्लेखनीय सफलता हासिल करते हुए 209 किलोग्राम वजन वाले 32 वर्षीय युवक का सफल इलाज किया है। मरीज सुपर-सुपर ओबेसिटी (Super-Super Obesity) और गंभीर स्लीप एपनिया (Sleep Apnea) से पीड़ित था, जिसके कारण उसे हर रात सोते समय सीपैप (CPAP) मशीन की सहायता से सांस लेनी पड़ती थी।

बेरिएट्रिक सर्जरी बनी जीवन की नई शुरुआत
एम्स के विशेषज्ञ डॉक्टरों ने मरीज की विस्तृत जांच के बाद सफलतापूर्वक बेरिएट्रिक (Bariatric) सर्जरी की। यह ऑपरेशन अत्यधिक मोटापे से पीड़ित मरीजों के लिए किया जाता है, जिससे वजन नियंत्रित करने में मदद मिलती है और मोटापे से जुड़ी गंभीर बीमारियों का खतरा भी कम हो जाता है।
49 किलो वजन घटा, सांस लेने की समस्या से भी मिली राहत
सर्जरी के बाद मरीज का वजन 209 किलोग्राम से घटकर 160 किलोग्राम रह गया, यानी कुल 49 किलोग्राम की कमी दर्ज की गई। सबसे बड़ी राहत यह रही कि मरीज की स्लीप एपनिया की समस्या भी काफी हद तक समाप्त हो गई और अब उसे रात में CPAP मशीन की आवश्यकता नहीं पड़ रही है।
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डॉक्टरों के अनुसार मरीज की स्थिति अब पहले की तुलना में काफी बेहतर है। स्वास्थ्य में उल्लेखनीय सुधार होने के बाद उसे अस्पताल से छुट्टी दे दी गई है। चिकित्सकों ने भविष्य में संतुलित आहार, नियमित व्यायाम और समय-समय पर मेडिकल फॉलोअप की सलाह दी है।
क्या है सुपर-सुपर ओबेसिटी?
चिकित्सा विशेषज्ञों के अनुसार जब किसी व्यक्ति का बॉडी मास इंडेक्स (BMI) 60 या उससे अधिक हो जाता है, तो उसे सुपर-सुपर ओबेसिटी की श्रेणी में रखा जाता है। यह स्थिति हृदय रोग, मधुमेह, उच्च रक्तचाप, सांस लेने में परेशानी और कई अन्य गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं का कारण बन सकती है।
डॉक्टरों का कहना है कि अत्यधिक मोटापे को केवल सौंदर्य का विषय नहीं बल्कि गंभीर स्वास्थ्य समस्या मानना चाहिए। समय रहते उचित इलाज, जीवनशैली में बदलाव और विशेषज्ञों की सलाह से कई गंभीर बीमारियों से बचा जा सकता है।



