तीसरी बार बहा झिलिया पुल का डायवर्सन, PWD के दावों पर सवाल
Jhiliya Bridge Diversion Washed Away for the Third Time; PWD Claims Questioned; Protest Threatened
दिल्ली/प्रतिनिधी : मैथन रोड स्थित झिलिया पुल निर्माण कार्य के दौरान भारी बारिश ने एक बार फिर निर्माण व्यवस्था की पोल खोल दी। पुल निर्माण के लिए बनाया गया अस्थायी डायवर्सन लगातार तीसरी बार बह गया, जिससे हजारों लोगों का आवागमन पूरी तरह प्रभावित हो गया। घटना के बाद लोक निर्माण विभाग (PWD) के कार्यपालक अभियंता मिथलेश कुमार अधिकारियों की टीम के साथ मौके पर पहुंचे और स्थिति का जायजा लिया।
निरीक्षण के दौरान स्थानीय लोगों और जनप्रतिनिधियों ने निर्माण कार्य की गुणवत्ता पर गंभीर सवाल उठाए। लोगों का आरोप है कि निर्माण एजेंसी ने तकनीकी मानकों की अनदेखी करते हुए घटिया निर्माण किया, जिसके कारण डायवर्सन बार-बार बारिश में बह रहा है। प्रदर्शनकारियों ने विभागीय लापरवाही पर भी नाराजगी जताते हुए कहा कि यदि निर्माण कार्य गुणवत्तापूर्ण होता तो ऐसी स्थिति बार-बार उत्पन्न नहीं होती।

स्कूली बच्चों, मरीजों और नौकरीपेशा लोगों को भारी परेशानी
डायवर्सन बह जाने से क्षेत्र के हजारों लोगों का दैनिक जीवन प्रभावित हो गया है। स्कूली बच्चों, मरीजों, नौकरीपेशा कर्मचारियों और व्यवसायियों को आवाजाही में भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। कई लोगों को लंबा वैकल्पिक रास्ता अपनाना पड़ रहा है, जिससे समय और आर्थिक नुकसान दोनों बढ़ गए हैं।
जलापूर्ति पाइपलाइन का पिलर भी बहा, कई इलाकों में पानी की आपूर्ति बाधित
बारिश के कारण पुल निर्माण स्थल पर जलापूर्ति पाइपलाइन का पिलर भी बह गया, जिससे आसपास के कई क्षेत्रों में पेयजल आपूर्ति बाधित हो गई। सूचना मिलते ही पीएचईडी की टीम मौके पर पहुंची और क्षतिग्रस्त पाइपलाइन की मरम्मत का कार्य शुरू कर दिया।
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PWD का दावा- 24 घंटे में बनेगा नया डायवर्सन
कार्यपालक अभियंता मिथलेश कुमार ने बताया कि निर्माण एजेंसी को तत्काल आवश्यक निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने कहा कि अगले 24 घंटे के भीतर नया वैकल्पिक डायवर्सन तैयार कर आवागमन बहाल कर दिया जाएगा। उन्होंने यह भी बताया कि करीब एक महीने के भीतर पुल निर्माण कार्य पूरा कर जनता के लिए खोलने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।
समय पर पुल नहीं बना तो होगा उग्र आंदोलन
जनप्रतिनिधियों ने स्पष्ट चेतावनी दी कि यदि निर्धारित समय सीमा के भीतर पुल निर्माण कार्य पूरा नहीं किया गया तो स्थानीय लोगों के साथ मिलकर उग्र आंदोलन किया जाएगा। उनका कहना है कि लगातार हो रही लापरवाही अब किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं की जाएगी।



