Acid Attack की परिभाषा पर सुप्रीम कोर्ट का फैसला
Supreme Court Verdict on the Definition of Acid Attacks
दिल्ली/प्रतिनिधि : Supreme Court of India ने एक अहम फैसले में एसिड अटैक पीड़ितों की परिभाषा को व्यापक बनाते हुए कहा है कि जबरन एसिड पिलाए गए और ऐसे लोग जिनके शरीर पर बाहरी विकृति नहीं दिखती, लेकिन आंतरिक रूप से गंभीर चोटें हैं, उन्हें भी ‘एसिड अटैक पीड़ित’ माना जाएगा। मुख्य न्यायाधीश Justice Surya Kant और Justice Joymalya Bagchi की पीठ ने स्पष्ट किया कि यह व्याख्या वर्ष 2016 से लागू मानी जाएगी।
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अदालत ने कहा कि Rights of Persons with Disabilities Act, 2016 में पहले केवल बाहरी विकृति वाले मामलों को शामिल किया गया था, जिससे कई पीड़ित लाभ से वंचित रह जाते थे। कोर्ट ने केंद्र सरकार को कानून में संशोधन कर इस विस्तारित परिभाषा को अधिसूचित करने का निर्देश दिया। साथ ही, एसिड हमलों में सख्त सजा और आरोपी पर सबूत का बोझ डालने की जरूरत पर भी जोर दिया गया।



