World Press Freedom Day: लोकतंत्र की मजबूत आवाज
World Press Freedom Day: The Strong Voice of Democracy
नवी मुंबई ,सान्वी देशपांडे : आज विश्वभर में ‘विश्व प्रेस स्वतंत्रता दिवस’ मनाया जा रहा है। यह दिन प्रेस की स्वतंत्रता, अभिव्यक्ति की आजादी और लोकतांत्रिक मूल्यों को मजबूत करने के उद्देश्य से समर्पित है। इस वर्ष का विषय “शांतिपूर्ण भविष्य का निर्माण” रखा गया है, जो स्वतंत्र और जिम्मेदार पत्रकारिता की भूमिका को नई दिशा देता है।
1993 में इस दिवस की आधिकारिक घोषणा की थी
संयुक्त राष्ट्र महासभा ने वर्ष 1993 में यूनेस्को की सिफारिश के बाद इस दिवस की आधिकारिक घोषणा की थी। तब से हर वर्ष 3 मई को यह दिवस दुनिया भर में मनाया जाता है। इसका उद्देश्य प्रेस की स्वतंत्रता के मूलभूत सिद्धांतों को बढ़ावा देना और वैश्विक स्तर पर मीडिया की स्थिति का मूल्यांकन करना है।
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स्वतंत्र पत्रकारिता लोकतंत्र की सबसे बड़ी ताकत
इस वर्ष विश्व प्रेस स्वतंत्रता दिवस का विशेष फोकस पत्रकारिता, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), मानवाधिकार कार्यकर्ताओं और तकनीकी विशेषज्ञों को एक मंच पर लाकर भविष्य की सूचना व्यवस्था को अधिक सुरक्षित, पारदर्शी और विश्वसनीय बनाना है। विशेषज्ञों का मानना है कि डिजिटल युग में फेक न्यूज, सेंसरशिप और ऑनलाइन हमलों जैसी चुनौतियों के बीच स्वतंत्र पत्रकारिता लोकतंत्र की सबसे बड़ी ताकत बनी हुई है।
पत्रकारिता पर आत्ममंथन का अवसर
यह दिवस सरकारों को प्रेस की स्वतंत्रता के प्रति अपनी प्रतिबद्धता याद दिलाने के साथ-साथ मीडिया कर्मियों को पेशेवर नैतिकता, निष्पक्षता और जिम्मेदार पत्रकारिता पर आत्ममंथन का अवसर भी प्रदान करता है।



