Amit शाह: वंदे मातरम देशभक्ति का शाश्वत प्रतीक
Amit Shah: Vande Mataram is An Eternal Symbol of Patriotism

दिल्ली/प्रतिनिधि : राज्यसभा में आज राष्ट्रगीत वंदे मातरम की 150वीं वर्षगांठ पर विशेष चर्चा हुई। गृह मंत्री अमित शाह ने चर्चा की शुरुआत करते हुए कहा कि वंदे मातरम सिर्फ एक गीत नहीं, बल्कि देशभक्ति, त्याग और राष्ट्रीय चेतना का ऐसा प्रतीक है जिसने स्वतंत्रता आंदोलन को नई दिशा दी। उन्होंने कहा कि स्वतंत्रता संग्राम के समय भी इसकी आवश्यकता थी, आज भी है और 2047 में जब भारत विकसित राष्ट्र बनेगा तब भी रहेगी।
अमित शाह ने बताया कि देश के स्वतंत्रता सेनानी हर सभा की शुरुआत वंदे मातरम से करते थे और आज भी सीमा पर वीर सैनिक सर्वोच्च बलिदान देते हुए इसी मंत्र का उच्चारण करते हैं। उन्होंने कहा कि बंकिमचंद्र चट्टोपाध्याय ने वंदे मातरम के माध्यम से भारत माता की पूजा और सांस्कृतिक राष्ट्रवाद की भावना को स्थापित किया। यह गीत सभी प्रतिबंधों और अत्याचारों को पार करते हुए कश्मीर से कन्याकुमारी तक लोगों के दिलों में समा गया।
चर्चा में नेता विपक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने कहा कि कांग्रेस ने स्वतंत्रता संग्राम के दौरान वंदे मातरम को नारा बनाया था। उन्होंने याद दिलाया कि 1896 में गुरुदेव रवींद्रनाथ टैगोर ने कांग्रेस अधिवेशन में पहली बार यह गीत गाया था, जिसके बाद यह देश के सार्वजनिक जीवन में व्यापक रूप से स्वीकार किया गया।



