
Cotton–सोयाबीन दाम पर विरोधियों का तीखा हमला
Opposition Parties Launch a Scathing Attack On Cottonseed and Soybean Prices
नागपुर/तुषार पाटिल : नागपुर में जारी राज्य विधानमंडल के हिवाळी (शीतकालीन) अधिवेशन में आज विपक्षी दलों ने कापूस और सोयाबीन उत्पादक किसानों की समस्याओं को लेकर जोरदार प्रदर्शन किया। विपक्षी नेताओं ने सरकार पर किसान-विरोधी नीतियां अपनाने का आरोप लगाते हुए विधानभवन परिसर में तीव्र आंदोलन किया। विधानसभा के विपक्ष के नेता विजय वडेट्टीवार कापूस के बोंडों की माला पहनकर विधानभवन पहुंचे और सरकार की नीतियों के प्रति अपना कड़ा आक्रोश व्यक्त किया।
महाविकास आघाड़ी (MVA) के विधायकों ने विधानभवन की सीढ़ियों पर “फसवणीस सरकार”, “शेतकरी उपाशी, सरकार तूपाशी”, “कर्जमाफी चाहिए” जैसे नारे लगाते हुए सरकार का ध्यान आकर्षित किया। इस आंदोलन में अंबादास दानवे, आदित्य ठाकरे सहित कई वरिष्ठ नेता शामिल हुए।
वडेट्टीवार ने विदर्भ और मराठवाड़ा के किसानों की दयनीय स्थिति पर चिंता जताते हुए कहा कि कापूस का भाव केवल 7,000 रुपये प्रति क्विंटल के आसपास है, जबकि सोयाबीन को भी उचित कीमत नहीं मिल रही। उन्होंने सवाल उठाया कि सरकार का हमीभाव आखिर है कहां? कर्ज में डूबे किसानों को राहत देना सरकार का दायित्व है।
विपक्ष ने मांग की कि किसानों की संपूर्ण कर्जमाफी की जाए, फसलों को उत्पादन लागत आधारित उचित भाव दिया जाए और प्राकृतिक आपदाओं से हुए नुकसान की भरपाई तुरंत किसान खातों में जमा हो। विपक्ष ने चेतावनी दी कि किसानों को न्याय मिलने तक संघर्ष जारी रहेगा।



