Navy Day पर छत्रपती शिवाजी महाराज की समुद्री नीति की गूँज
Echoes of Chhatrapati Shivaji Maharaj's Maritime Strategy on Navy Day

नवी मुंबई/सान्वी देशपांडे : भारतीय नौसेना दिवस के अवसर पर आज पूरे देश में वीरता, समर्पण और समुद्री शक्ति को सलाम किया गया। इसी क्रम में छत्रपती शिवाजी महाराज और भारतीय नौसेना के ऐतिहासिक संबंध पर विशेष कार्यक्रमों का आयोजन किया गया। इतिहासकारों और सैन्य विशेषज्ञों ने बताया कि भारत में संगठित नौसेना की नींव सबसे पहले छत्रपति शिवाजी महाराज ने रखी थी।
17वीं शताब्दी में शिवाजी महाराज ने विदेशी शक्तियों से समुद्री सीमा की रक्षा के महत्व को समझकर एक मज़बूत नौसेना का निर्माण किया। कोकण तट पर सिंदुधुर्ग, विजयदुर्ग और जंजिरा जैसे समुद्री किलों का निर्माण उनका दूरदर्शी दृष्टिकोण था, जिसने भारत को समुद्र के माध्यम से होने वाले आक्रमणों से बचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
नेवी डे पर आयोजित विशेष प्रदर्शनी और कार्यक्रमों में यह बताया गया कि शिवाजी महाराज की रणनीतियों ने आधुनिक भारतीय नौसेना को दिशा दी। उनकी बनाई गई नौसैनिक नीति—तेज, लचीली और तकनीकी रूप से सक्षम नौसेना—आज भी प्रेरणा का स्रोत है।भारतीय नौसेना ने आज के दिन शिवाजी महाराज को समुद्री सुरक्षा के जनक के रूप में श्रद्धांजलि अर्पित की और कहा कि उनका vision आज भी नौसेना की ताकत और आत्मनिर्भरता की राह को मजबूत करता है।



