बनारस: त्रिपुरारा संगीत समारोह से गूंजा काशी विश्वेश्वर मंदिर
Banaras: Goonja Kashi Vishweshwar Mandir from Tripurara Sangeet Ceremoni

वाराणसी-विशेष प्रतिनिधिः बनारस का काशी विश्वेश्वर मंदिर आज त्रिपुरारा संगीत समारोह की धुनों से गुंजायमान रहा. समारोह में गायन और वादन की रंगारंग प्रस्तुति में डॉ. रेवा नातू ने भगवान शंकर और विष्णु पर आधारित शिवहरि आराधना विषय पर बंदिशी प्रस्तुत की। प्रारंभ में उन्होंने राग पूरिया धनाश्री में मधालय झपताल में एक बंदिश सुनाई। फिर उन्होंने हरिहर आराधना के साथ-साथ राग भूप, केदार, शंकर में शिव और हरि पर बंदिश प्रस्तुत की और राग अड़ाना में चतुरंग बजाया। गायन का समापन भैरवी में अभंग के साथ हुआ। उनके साथ लीलाधर चक्रदेव (संवादिनी), प्रशांत पांडव (तबला), मृगेंद्र मोहदकर (बांसुरी) थे। इसके बाद डॉ. रतीश तागड़े ने वायलिन पर राग नंदेश्वरी प्रस्तुत किया। उन्होंने वायलिन वादन का समापन एक भक्तिपूर्ण रचना से किया। उत्तरार्ध में विदुषी गौरी पठारे ने ओजस्वी गायन किया। उन्होंने राग भूप, शंकर के साथ-साथ भक्ति रचनाएँ भी प्रस्तुत कीं।
संगीत कार्यक्रम में स्वानंद कुलकर्णी (संवादिनी), प्रशांत पांडव (तबला) ने संगत की। शिवानी पेठकर, अनुजा महाजन, सयाली भाटे, मल्हार पटवर्धन और कृतिका महाशब्दे ने महोत्सव में गायन और तानपुरा संगत प्रदान की। कार्यक्रम का संचालन डॉ. मृणाल ढोंगड़े ने किया। गिरीश नातू, अनुराधा नातू एवं डॉ. रेवा नातू ने कलाकारों को सम्मानित किया।



