
मुकेश रेपसवाल ने किया शिक्षक प्रशिक्षण कार्यक्रम का औपचारिक उद्घाटन
Teacher Training Program Launched by Mukesh Repaswal
चंबा(हिमाचल प्रदेश): उपायुक्त मुकेश रेपसवाल ने आज नीति आयोग, चंबा जिला प्रशासन तथा भारती एयरटेल फाउंडेशन के संयुक्त तत्वावधान में कार्यान्वित शिक्षक प्रशिक्षण कार्यक्रम का शुभारंभ किया। नीति आयोग से ओएसडी शिक्षा लेफ्टिनेंट कर्नल जितेंद्र वर्मा तथा प्राचार्य राज्य शैक्षिक अनुसंधान और प्रशिक्षण परिषद डॉ. रजनी संख्यान वर्चुअल रूप से जुड़े। इस अवसर पर उपायुक्त ने कहा कि कार्यक्रम का उद्देश्य शिक्षकों की पेशेवर क्षमताओं को सुदृढ़ करते हुए शिक्षण प्रक्रिया को अधिक रोचक, प्रभावी और सहभागितापूर्ण बनाना है। मुकेश रेपसवाल ने शिक्षकों को भारत के भविष्य के वास्तविक निर्माता बताते हुए कहा कि विकसित भारत का सपना केवल विकसित पीढ़ियों के माध्यम से ही साकार हो सकता है।
उन्होंने कहा कि शिक्षक व्यावसायिक विकास कार्यक्रम का शुभारंभ शिक्षकों को सशक्त बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। दी टीचर ऐप पर महीने में केवल दो घंटे समर्पित करना निरंतर सीखने के लिए एक छोटी लेकिन प्रभावशाली प्रतिबद्धता होगी। मुकेश रेपसवाल ने साथ में यह भी कहा कि चूँकि शिक्षक प्रशिक्षण कार्यक्रम का राज्यव्यापी कार्यान्वयन चंबा में इसके सफल संचालन पर निर्भर करता है। ऐसे में शिक्षकों को जिम्मेवारी और समर्पण भाव से कार्य व्यवस्था सुनिश्चित बनाई जानी चाहिए। इससे पहले भारती एयरटेल फाउंडेशन की ओर से प्रवीण कुमार ने स्वागत संबोधन रखते हुए पावर पॉइंट प्रेजेंटेशन के माध्यम से विस्तृत जानकारी साझा की। उपनिदेशक प्रारंभिक स्कूल शिक्षा बलवीर सिंह, भारती एयरटेल फाउंडेशन से अमित तनेजा, समरदीप सिंह, संदीप कुमार ने भी दी टीचर ऐप से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारियों का ब्यौरा रखा। कार्यक्रम में चंबा प्राथमिक शिक्षा के 15 खंडों के शिक्षकों ने भाग लिया। उपनिदेशक शिक्षा गुणवत्ता भाग सिंह, उच्च स्कूल शिक्षा विकास महाजन, ओएसडी शिक्षा उमाकांत आनंद इस अवसर पर उपस्थित रहे। यह कार्यक्रम बहु-कक्षीय और बहु-स्तरीय शिक्षण पर केंद्रित है, जिसमें विशेष रूप से मूलभूत साक्षरता और संख्यात्मकता पर जोर दिया गया है। इसका उद्देश्य कक्षा शिक्षण पद्धतियों को बेहतर बनाना और डिजिटल समावेशण को बढ़ावा देना है। दी टीचर ऐप के माध्यम से शिक्षक एक वर्ष तक कार्यक्रम में भाग लेंगे, जिसमें स्व-गति पाठ्यक्रम, विशेषज्ञों द्वारा संचालित वेबिनार और प्रतियोगिताएँ शामिल होंगी। कार्यक्रम का दीर्घकालिक लक्ष्य इस पहल को राज्य-स्तर पर विस्तारित करना है, ताकि शिक्षकों को निरंतर सशक्त बनाया जा सके और कक्षाओं में सहभागिता एवं प्रभावशीलता को और बेहतर किया जा सके।



