NM Airport Inauguration: एयरपोर्ट से ट्रैफिक जाम का खतरा, कौन करेगा मुसीबत का मैनेजमेंट
NM Airport Inauguration: Danger of traffic jam at the airport, who will manage the problem?
नवी मुंबई/प्रतिनिधि: नवी मुंबई में मुंबई महानगर का दूसरा अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट जल्द ही अपने शुभारंभ के लिए तैयार है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इस ग्रीन फील्ड एयरपोर्ट का उद्घाटन बुधवार, 8 अक्टूबर को दोपहर में करने वाले हैं। उद्घाटन के इस ऐतिहासिक अवसर पर हजारों कारोबारी, रियल इस्टेट निवेशक और बिजनेस स्टेकहोल्डर अपनी उपस्थिति दर्ज कराने की तैयारी में हैं। वहीं, लाखों प्रकल्पग्रस्त अपने मसीहा, लोकनेता दिबा पाटिल के नामकरण की प्रतीक्षा में हैं।
हालांकि एयरपोर्ट की सुविधा और कनेक्टिविटी भले ही उत्कृष्ट हों, लेकिन उससे उत्पन्न होने वाले भयंकर ट्रैफिक जाम और प्रदूषण की संभावना नज़रअंदाज़ नहीं की जा सकती। 5 अक्टूबर को दोपहर 2 बजे ली गई तस्वीरों में देखा गया कि उलवे और बेलापुर मनपा मुख्यालय के बीच सड़क पर लंबी गाड़ियों की कतार और जाम जैसी स्थिति उत्पन्न हो चुकी है। यह वही मार्ग है, जिससे प्रतिवर्ष अनुमानित 2 करोड़ यात्री यात्रा करेंगे।
बेलापुर से सटे एयरपोर्ट पर प्रतिमाह लगभग 1.67 लाख यात्री सफर करेंगे, जबकि प्रतिदिन 5,500 से अधिक यात्री आने-जाने की संभावना है। इस भीड़ में हजारों निजी वाहन, ऑटो, टैक्सी और अन्य परिवहन साधन शामिल होंगे। यातायात चार मुख्य मार्गों—ठाणे से बेलापुर, पनवेल और उरण से उलवे होकर, तथा मुंबई से पाम बीच रोड—के माध्यम से एयरपोर्ट तक पहुंचेगा। अगर इन मार्गों पर पर्याप्त ट्रैफिक नियोजन नहीं किया गया, तो आने वाले समय में यह स्थिति और गंभीर हो सकती है।
सिडको एमडी विजय सिंघल ने आगामी योजनाओं का हवाला देते हुए प्रबंधन का दावा किया है, लेकिन वर्तमान स्थिति में कोई ठोस इंतजाम नजर नहीं आ रहे। ट्रैफिक जाम और पार्किंग की कमी नवी मुंबईकरों के लिए सबसे बड़ा चुनौती बनेगी। खासकर वाशी, नेरुल और बेलापुर क्षेत्र सबसे अधिक प्रभावित होने वाले हैं। प्रधानमंत्री आवास योजना की आड़ में ट्रक टर्मिनल और रेलवे स्टेशनों की पार्किंग पर निर्माण और भूमि विक्रय से नवी मुंबई का बंटाधार और बढ़ा है।
विशेषज्ञों का कहना है कि एयरपोर्ट की पहली उड़ान से पहले, दिसंबर 2025 तक, व्यापक ट्रैफिक मैनेजमेंट और सड़क नियोजन करना आवश्यक है। अन्यथा, नवी मुंबई एमएमआर के यात्री भी मुंबई एयरपोर्ट जैसी समस्याओं का सामना करने के लिए बाध्य होंगे।




