Ganesh Naik VS Eknath Shinde: गणेश नाइक के समर्थकों ने लगाए एकनाथ शिंदे पर गंभीर आरोप
Ganesh Naik vs Eknath Shinde: Ganesh Naik's supporters level serious allegations against Eknath Shinde
नवी मुंबई/प्रतिनिधि: महाराष्ट्र की राजनीति में आगामी स्थानीय निकाय चुनावों के चलते हलचल तेज़ हो चुकी है। इस बीच नवी मुंबई से एक बड़ी राजनीतिक टकराव की खबर सामने आई है, जहां भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) और एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली शिवसेना के बीच खुला संघर्ष देखने को मिल रहा है। भाजपा के पूर्व नगरसेवकों ने शिंदे गुट पर गंभीर आरोप लगाते हुए नगरविकास विभाग और बिल्डर लॉबी से मिलीभगत का मामला उजागर किया है।
पूर्व नगरसेवक का सीधा हमला
भाजपा के वरिष्ठ नेताओं और पूर्व नगरसेवकों ने आरोप लगाया कि नवी मुंबई में वर्षों से काम कर रहे प्रकल्पग्रस्त (प्रोजेक्ट प्रभावित) कर्मचारियों को अब तक स्थायी नौकरी नहीं मिली है, जबकि बारवी बांध परियोजना के तहत 54 लोगों को एक ही दिन में नौकरी दी गई। इसे पक्षपातपूर्ण निर्णय बताते हुए भाजपा नेताओं ने कहा कि यह आम जनता के साथ अन्याय है।
इसके अलावा, उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि शहर में पानी की कमी और आधारभूत सुविधाओं की भारी समस्या होने के बावजूद, नगरविकास विभाग ने केवल बिल्डर लॉबी के फायदे के लिए फैसले लिए हैं। उन्होंने कहा कि नवी मुंबई महानगरपालिका में 14 गांवों को सिर्फ एक दिन में शामिल किया गया, जिससे आम जनता की समस्याएं और बढ़ गई हैं।
बिल्डर लॉबी के पक्ष में निर्णय?
भाजपा के पूर्व नगरसेवकों ने तीखा आरोप लगाते हुए कहा कि नवी मुंबई शहर में FSI (फ्लोर स्पेस इंडेक्स) बढ़ाकर बिल्डरों को लाभ पहुँचाया गया, जबकि शहर की मूलभूत सुविधाएं लगातार नज़रअंदाज़ की जा रही हैं। उन्होंने कहा, “जो लोग बिल्डरों के इशारे पर काम कर रहे हैं, वे इस शहर के लिए अयोग्य हैं। हम ऐसी ‘नालायक मानसिकता’ का विरोध करते हैं।”
कोविड काल और भ्रष्टाचार के सवाल
नेताओं ने यह भी सवाल उठाया कि कोविड महामारी के दौरान नवी मुंबई का सरकारी फंड किसने और कैसे खर्च किया? किसने शहर की योजनाएं रद्द कीं? और किन लोगों ने सरकारी जमीनों का गलत इस्तेमाल कर बिल्डरों को फायदा पहुंचाया?
इन तमाम सवालों और आरोपों के साथ भाजपा ने न केवल शिंदे गुट के नेतृत्व पर सवाल उठाए हैं, बल्कि आगामी नवी मुंबई महानगरपालिका चुनावों में सीधी टक्कर देने के संकेत भी दे दिए हैं।
राजनीतिक समीकरणों पर असर
इस बयानबाजी के बाद अब यह लगभग तय माना जा रहा है कि नवी मुंबई में भाजपा और शिंदे गुट आमने-सामने होंगे। यह गठबंधन जो पहले राज्य में सत्ता साझा कर रहा था, अब स्थानीय स्तर पर एक-दूसरे के खिलाफ मोर्चा खोल चुका है। इसका असर ठाणे, कल्याण और मुंबई जैसे अन्य क्षेत्रों में भी पड़ सकता है।
नजरें अब शिवसेना (शिंदे गुट) के जवाब पर
भाजपा नेताओं के तीखे हमलों के बाद अब नवी मुंबई की जनता की नजरें शिंदे गुट के नेताओं पर टिकी हैं। क्या वे इन आरोपों का जवाब देंगे? क्या स्थिति और बिगड़ेगी या दोनों दल किसी राजनीतिक समाधान की ओर बढ़ेंगे? इन सवालों के जवाब आने वाले कुछ दिनों में स्पष्ट हो सकते हैं।




