तीन दशकों से चिंतामणि बाप्पा की सेवा में लीन पांड्या मामा को संगीत से सलामी
Musical salute to Pandya Mama who has been serving Chintamani Bappa for three decades
मुंबई/प्रतिनिधि: मुंबई का सार्वजनिक गणेशोत्सव देशभर के श्रद्धालुओं के लिए आकर्षण और आस्था का केंद्र बना रहता है। यह उत्सव जितना भव्य होता है, उतना ही श्रेय जाता है उन समर्पित सेवकों को जो वर्षों से निःस्वार्थ भाव से बप्पा की सेवा में लगे हुए हैं। ऐसा ही एक नाम है चिंचपोकली के प्रसिद्ध गणपति चिंतामणि के निस्वार्थ सेवक पांडुरंग मोरे उर्फ पांड्या मामा का।
पांडुरंग मोरे पिछले तीन दशकों से अधिक समय से चिंतामणि बाप्पा की सेवा में निरंतर कार्यरत हैं। उनकी भक्ति, सेवा और समर्पण ने उन्हें न केवल मंडल का बल्कि गणेशभक्तों के दिलों का भी चहेता बना दिया है। लाखों भक्तों के आस्था का केंद्र बने चिंतामणि के चरणों में मोरे जी का योगदान अविस्मरणीय है।
अब इस निःस्वार्थ सेवा को गीत के माध्यम से सम्मानित किया गया है। ‘सुखकर्ता मोरया’ नामक इस गीत के जरिए मोरे जी के सेवाकार्य को सम्मानित किया गया है। मयेकर फिल्म्स के बैनर तले बनाए गए इस गीत को केवल वालंज ने अपनी भावपूर्ण आवाज दी है, जबकि इसके बोल लिखे हैं विपुल शिवलकर ने। गीत का निर्देशन किया है प्रथमेश अवसरे ने और इसकी पटकथा लिखी है पराग सावंत ने।
इस गाने में पांडुरंग मोरे की भूमिका निभाई है अभिनेता शशिकांत दळवी ने, जिन्होंने अत्यंत तन्मयता और सच्चाई से इस किरदार को जीवंत किया है। यह गीत दर्शकों को केवल भावुक ही नहीं करता, बल्कि सेवा के महत्व को भी उजागर करता है।
निर्माता मयुरेश मयेकर ने इस अवसर पर कहा:
“पांडुरंग मोरे पिछले 35 से 40 वर्षों से चिंचपोकली के चिंतामणि बाप्पा की भक्ति भाव से सेवा कर रहे हैं। मेरा हमेशा से मानना रहा है कि उनका यह कार्य लोगों के सामने आना चाहिए। इसीलिए हमने चिंतामणि को केंद्र में रखकर एक म्यूजिक वीडियो बनाने का निर्णय लिया, जो आज लोगों को पसंद आ रहा है। पांडुरंग मोरे जैसे निःस्वार्थ सेवक समाज के सच्चे आधार स्तंभ हैं।“
यह गीत न केवल एक सन्मान है, बल्कि यह हमें याद दिलाता है कि हर बड़े आयोजन के पीछे कुछ निस्वार्थ सेवकों की तपस्या और मेहनत छिपी होती है, जिनके बिना यह उत्सव अधूरा रह जाता।
सुखकर्ता मोरया! चिंतामणिच्या सेवकाला कोटी कोटी प्रणाम!




