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बारिश में भी नहीं डगमगाई आस्था, नवी मुंबई ने गणपति बाप्पा को दी श्रद्धा से विदाई

Faith did not waver even in the rain, Navi Mumbai bid farewell to Ganpati Bappa with reverence

नवी मुंबई/प्रतिनिधी: नवी मुंबई महानगरपालिका द्वारा अनंत चतुर्दशी के पावन अवसर पर आयोजित श्रीगणेश विसर्जन महोत्सव इस वर्ष अत्यंत पर्यावरणपूरक, सुव्यवस्थित और शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुआ। पूरे शहर में बनाए गए 22 नैसर्गिक और 143 कृत्रिम विसर्जन स्थलों पर कुल 10,678 गणेश मूर्तियों का भावपूर्ण विसर्जन किया गया। इन मूर्तियों में 9,929 घरगुती (घरेलू) और 749 सार्वजनिक मंडलों की मूर्तियाँ शामिल थीं।

छत्रपती शिवाजी महाराज चौक पर पुष्पवर्षा के साथ विदाई

वाशी स्थित छत्रपती शिवाजी महाराज चौक पर महापालिका आयुक्त डॉ. कैलास शिंदे ने पारंपरिक पद्धति से श्रीगणेश मूर्तियों पर पुष्पवर्षा कर गणपति बाप्पा को भावपूर्ण विदाई दी। इस अवसर पर अनेक वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे, जिनमें शहर अभियंता श्री. शिरीष आरदवाड, उपआयुक्त श्री. किसनराव पलांडे, परिमंडल 1 उपआयुक्त श्री. सोमनाथ पोटरे, डॉ. अजय गडदे, अति. अभियंता श्री. अरविंद शिंदे सहित अन्य विभाग प्रमुख एवं कर्मचारी शामिल थे। इस समारोह की खास बात यह रही कि इसका लाइव प्रसारण नवी मुंबई महानगरपालिका के यूट्यूब और फेसबुक चैनलों पर किया गया, जिससे नागरिकों ने घर बैठे भी विसर्जन का आनंद लिया। सवेरे से बारिश की रुक-रुक कर बौछारें होती रहीं, परंतु नागरिकों का उत्साह तनिक भी कम नहीं हुआ। श्रद्धालुओं ने पूरी श्रद्धा और जोश के साथ विसर्जन में भाग लिया। यह आयोजन सुबह 5:30 बजे तक जारी रहा, जिसमें महापालिका की टीम पूरी तत्परता से कार्यरत रही। आयुक्त डॉ. कैलास शिंदे ने स्वयं कोपरखैरणे धारण तालाब सहित कई बड़े विसर्जन स्थलों का निरीक्षण किया और व्यवस्थाओं की समीक्षा कर आवश्यक निर्देश दिए, जिनका तत्काल पालन भी हुआ।

पर्यावरण का ध्यान, नागरिकों से उम्दा प्रतिसाद

महापालिका द्वारा नागरिकों से पर्यावरणपूरक, प्लास्टिक मुक्त गणेशोत्सव मनाने की अपील की गई थी, जिसका जबरदस्त प्रतिसाद मिला।

  • शाडू माटी (मिट्टी) से बनी मूर्तियों की स्थापना करने वाले नागरिकों को ‘पर्यावरणमित्र’ प्रशस्तिपत्र और आकर्षक कागज की थैली देकर सम्मानित किया गया।
  • 6 फीट तक की मूर्तियों को कृत्रिम तालाबों में विसर्जन करने का आह्वान उच्च न्यायालय के आदेशानुसार किया गया था, जिसे नागरिकों ने सहर्ष स्वीकारा।
निर्माल्य संकलन से खाद निर्माण

महानगरपालिका ने सभी विसर्जन स्थलों पर निर्माल्य संकलन व्यवस्था लागू की थी, जिसमें श्रद्धालुओं से फूल, माला, दुर्वा, सजावटी वस्तुएं आदि अलग-अलग संग्रहित की गईं।

  • इस अभियान के अंतर्गत 14 टन 70 किलो निर्माल्य संकलित कर तुर्भे प्रकल्पस्थल पर खाद निर्माण प्रक्रिया शुरू की गई है।
  • नागरिकों ने भी “निर्माल्य जल में न डालें” इस आह्वान का भरपूर पालन किया।
विसर्जन स्थलों पर चोखी व्यवस्था

महापालिका ने विसर्जन स्थलों पर सुरक्षा और सुविधा की दृष्टि से की कई महत्वपूर्ण व्यवस्थाएं की थीं:

  • फोर्कलिफ्ट, क्रेन, यांत्रिक तराफे – विशेष रूप से बड़ी मूर्तियों के विसर्जन हेतु
  • बांबू बैरिकेडिंग, जनरेटर, सीसीटीवी, पीने का पानी और प्राथमिक उपचार सुविधा
  • स्वयंसेवक, लाईफगार्ड्स, अग्निशमन दल, पुलिस बल और महापालिका कर्मचारी मुस्तैदी से तैनात
  • श्रद्धालुओं के लिए पूजा की व्यवस्था, स्वागत कक्ष, सूचनाफलक आदि भी सज्ज थे।

 विसर्जन का क्षेत्रवार संक्षिप्त आंकड़ा:

विभाग नैसर्गिक विसर्जन कृत्रिम विसर्जन घरगुती मूर्तियाँ सार्वजनिक मूर्तियाँ
बेलापूर 5 21 1,583 9
नेरूळ 2 26 1,061 42
वाशी 2 16 905 88
तुर्भे 3 21 843 196
कोपरखैरणे 2 15 1,367 113
घणसोली 4 15 2,947 263
ऐरोली 3 18 654 8
दिघा 1 11 569 30
कुल योग 22 143 9,929 749
आदर्श, पर्यावरणपूरक और सुव्यवस्थित गणेशोत्सव

नवी मुंबई महानगरपालिका ने इस वर्ष अनंत चतुर्दशी के अवसर पर गणेश विसर्जन को पर्यावरणपूरक, सुनियोजित और शांतिपूर्ण रूप में संपन्न कर एक आदर्श प्रस्तुत किया है। आयुक्त डॉ. कैलास शिंदे के मार्गदर्शन और नागरिकों के भरपूर सहयोग से गणेशोत्सव का समापन न केवल भव्य बल्कि जिम्मेदारीपूर्ण भी रहा।

“नवी मुंबई ने इस वर्ष जिस तरह पर्यावरण का आदर करते हुए गणेशोत्सव मनाया, वह पूरे देश के लिए प्रेरणादायक है। सभी का सहयोग सराहनीय रहा। मैं नागरिकों का हृदय से धन्यवाद करता हूँ।”

~डॉ. कैलास शिंदे, आयुक्त, नवी मुंबई महानगरपालिका

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