क्रांतिकारी उमाजी नाईक को नमन: नमुंमपा मुख्यालय में प्रतिमापूजन कार्यक्रम संपन्न
Tribute to revolutionary Umaji Naik: Image worship program concluded at Namumpa headquarters
नवी मुंबई/प्रतिनिधी: भारत के स्वतंत्रता संग्राम में अपने प्राणों की आहुति देने वाले और अंग्रेजी हुकूमत के खिलाफ पहला सशस्त्र आंदोलन छेड़ने वाले महान क्रांतिकारी स्वातंत्र्यवीर उमाजी नाईक की जयंती के उपलक्ष्य में नवी मुंबई महानगरपालिका (नमुंमपा) मुख्यालय में एक श्रद्धांजलि कार्यक्रम का आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम महापालिका मुख्यालय स्थित ॲम्फिथिएटर में संपन्न हुआ। इस अवसर पर प्रशासन विभाग के उपआयुक्त श्री. किसनराव पलांडे के करकमलों द्वारा उमाजी नाईक की प्रतिमा का पूजन कर उन्हें आदरांजली अर्पित की गई। कार्यक्रम में महापालिका के विभिन्न विभागों के अधिकारी, कर्मचारी बड़ी संख्या में उपस्थित थे।
उमाजी नाईक: भारत के पहले सशस्त्र क्रांतिकारी
उमाजी नाईक का नाम भारतीय स्वतंत्रता संग्राम में प्रथम सशस्त्र क्रांतिकारी के रूप में अत्यंत सम्मान के साथ लिया जाता है। उन्होंने अंग्रेजों के खिलाफ जंगलों से लेकर गांवों तक सशस्त्र संघर्ष छेड़ा और स्वराज्य की भावना को जन-जन तक पहुँचाया। महाराष्ट्र के सपूत उमाजी नाईक ने 1826 में ब्रिटिश सत्ता के विरुद्ध सशस्त्र विद्रोह कर आजादी की मशाल जलाने का काम किया। उनका संघर्ष न केवल ऐतिहासिक है, बल्कि प्रेरणादायी भी है, जिन्होंने संगठन, स्वाभिमान और बलिदान की मिसाल पेश की।
“उमाजी नाईक जैसे क्रांतिकारियों के त्याग और बलिदान के कारण ही आज हम स्वतंत्र भारत में सांस ले रहे हैं। आज की पीढ़ी को उनके विचारों, संघर्ष और देशभक्ति से प्रेरणा लेनी चाहिए। महापालिका परिवार की ओर से हम उन्हें सादर नमन करते हैं।”
~श्री. किसनराव पलांडे, उपआयुक्त
महान स्वतंत्रता सेनानी उमाजी नाईक की जयंती के अवसर पर नवी मुंबई महापालिका द्वारा आयोजित यह कार्यक्रम राष्ट्रीय चेतना को जागृत करने वाला और युवाओं में देशभक्ति का संचार करने वाला रहा। ऐसे आयोजनों के माध्यम से भारत माता के वीर सपूतों को याद कर उनके विचारों को जीवित रखना ही सच्ची श्रद्धांजलि है।




