Ganesh Naik Janta Darbar : भारी बारिश के बीच वनमंत्री का नवी मुंबई में जनता दरबार जारी
Ganesh Naik Janta Darbar: Forest Minister Ganesh Naik's public Meeting amidst heavy rain
नवी मुंबई/सुमित गायकवाड: भारी बारिश के बावजूद आज वाशी स्थित विष्णुदास भावे नाट्यमंदिर में वनमंत्री गणेश नाईक का जनता दरबार आयोजित किया गया, जिसमें सैकड़ों नागरिकों ने पहुंचकर अपनी विभिन्न समस्याएं मंत्री के सामने रखीं। इस अवसर पर नगरसेवकों के साथ-साथ बीजेपी के कई कार्यकर्ता भी आम जनता को साथ लेकर दरबार में पहुंचे। जनता दरबार में महानगरपालिका, सिडको, एमआईडीसी, एमएसईबी समेत विभिन्न सरकारी विभागों से संबंधित शिकायतें सामने आईं। नागरिकों ने पानी की सप्लाई, सड़कों की हालत, सीवरेज सिस्टम, स्ट्रीट लाइट्स, गैरकानूनी निर्माण और अन्य मूलभूत सुविधाओं से जुड़ी परेशानियों को खुलकर उठाया। गणेश नाईक ने इस मौके पर सभी विभागों के संबंधित अधिकारियों को विशेष रूप से बुलवाया था, ताकि मौके पर ही शिकायतों पर त्वरित सुनवाई की जा सके। खबर लिखे जाने तक जनता दरबार में शिकायतों की सुनवाई का दौर लगातार जारी था और आम लोग मंत्री के समक्ष अपनी समस्याएं रख रहे थे।
नागरिकों ने पानी की सप्लाई, सड़कों की हालत, सीवरेज सिस्टम, स्ट्रीट लाइट्स, गैरकानूनी निर्माण और अन्य मूलभूत सुविधाओं से जुड़ी परेशानियों को खुलकर उठाया। गणेश नाईक ने इस मौके पर सभी विभागों के संबंधित अधिकारियों को विशेष रूप से बुलवाया था, ताकि मौके पर ही शिकायतों पर त्वरित सुनवाई की जा सके।वनमंत्री ने दिलाया समाधान का भरोसा
जनता की शिकायतों पर सुनवाई करते हुए वनमंत्री गणेश नाईक ने संबंधित अधिकारियों को तत्काल आवश्यक कार्यवाही करने के निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि जनता दरबार में आई हर शिकायत को गंभीरता से लिया जाएगा और उसके समाधान के लिए तय प्रक्रिया के अनुसार कार्रवाई की जाएगी। मीडिया से बात करते हुए गणेश नाईक ने कहा, कि जनता दरबार की इस पहल से लोगों में विश्वास की एक नई किरण जागी है, जहां वे सीधे मंत्री से मिलकर अपनी समस्याएं रख सकते हैं और उन्हें समाधान की उम्मीद भी नजर आती है।
“जो भी नागरिक अपनी समस्याएं लेकर जनता दरबार में आते हैं, उनके समाधान के लिए हम पूरी तरह से प्रतिबद्ध हैं। आज भी सैकड़ों लोगों ने विभिन्न विभागों से संबंधित शिकायतें दर्ज कराई हैं। इन सभी मामलों पर अधिकारियों को स्पष्ट दिशा-निर्देश दिए गए हैं और मुझे उम्मीद है कि जल्द से जल्द इनका समाधान होगा।” ~ वनमंत्री गणेश नाईक




