Somnath Shivling :खारघर पहुंचा सोमनाथ का असली शिवलिंग, दर्शन को उमड़े श्रद्धालु
Prashant Thakur Witnesses Rare Somnath Shivaling Darshan at Raghavendra Math
खारघर/नवी मु्ंबई प्रतिनिधिः भारत के 12 ज्योतिर्लिंगों में से एक सोमनाथ धाम के शिवलिंग को लेकर चल रही यात्रा का पड़ाव खारघर में रहा. यहां श्री राघवेंद्र मठ में सोमनाथ मंदिर के असली शिवलिंग के दर्शन के लिए भक्तों एवं श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ती नजर आयी. श्री श्री रविशंकर जी के मार्गदर्शन में आर्ट ऑफ लिविंग द्वारा 1000 साल बाद पहली बार सोमनाथ के असली शिवलिंग को पूरे देश में घुमाया जा रहा है. आज खारघर के श्री राघवेंद्र मठ पहुंचने पर असंख्य सनातनियों ने दर्शन का लाभ लिया. इस अवसर पर स्थानीय विधायक प्रशांत ठाकुर, आर्ट ऑफ लिविंग के स्वामी दर्शक हत्थी, स्टेट कोआर्डिनेटर शाइनी शेट्टी, पूर्व नगरसेवक प्रवीण पाटिल, बीजेपी के जिला सचिव बृजेश पटेल समेत तमाम पदाधिकारी उपस्थित रहे.
सनातनी भाग्यशाली, 1000 साल दर्शन का अवसरः प्रशांत ठाकुर
बीजेपी विधायक प्रशांत ठाकुर ने तमाम पदाधिकारियों के साथ यहां श्री राघवेंद्र मठ में पवित्र ज्योतिर्लिंग के दर्शन किए. प्रसाद ग्रहण किया और भगवान का अभिवादन करते हुए मंगल की प्रार्थना की. उन्होंने कहा कि हम सदैव ईश्वर कृपा की कामना करते हैं और आज शिवलिंग के साक्षात दर्शन से यह कृपा हम सभी खारघर और पनवेल वासियों को मिल रही है. उन्होंने विश्वगुरु श्री श्री रवि शंकर एवं आर्ट ऑफ लिविंग के प्रति आभार जताया जिनके माध्यम से 1000 वर्षों बाद सोमनाथ धाम के इस दिव्य शिवलिंग के दर्शन का यह मंगल अवसर सभी जनों को सुलभ हो पाया. उन्होंने कहा कि यह सब हमारे पूर्वजों के पुण्य का आशीर्वाद है..उन्होंने और क्या कुछ कहा सुन लीजिए.
आर्ट ऑफ लिविंग ने दर्शन का सकार किया सपना-बृजेश पटेल
वहीं बीजेपी के रायगढ़ जिला सचिव बृजेश पटेल ने कहा कि यह पवित्र शिवलिंग गुजरात के उस सोमनाथ मंदिर का है जिसका जीर्णोद्धार स्वयं सरदार वल्लभ भाई पटेल ने कराया. उन्होंने कहा कि खारघर के सभी सनातनी भाग्यशाली हैं जिन्हें आर्ट ऑफ लिविंग के जरिए हमें उस पवित्र सोमनाथ धाम के शिवलिंग के दर्शन पूजन का लाभ मिल रहा है.सरदार पटेल ने कराया जीर्णोद्धार, प्रथम राष्ट्रपति ने की प्राण प्रतिष्ठा
सोमनाथ मंदिर का इतिहास बहुत प्राचीन है और इसे कई बार तोड़ा और पुनर्निर्मित किया गया है. वर्तमान मंदिर 1951 में बनाया गया था और इसे भारत के पहले राष्ट्रपति, डॉ. राजेंद्र प्रसाद ने राष्ट्र को समर्पित किया था. इतिहास के बाद के स्रोतों में ग्यारहवीं से अठारहवीं शताब्दी ईस्वी के दौरान मुस्लिम आक्रमणकारियों द्वारा कई अपवित्रताएं बताई गई हैं। लोगों की पुनर्निर्माण की भावना के साथ हर बार मंदिर का पुनर्निर्माण किया गया। आधुनिक मंदिर का पुनर्निर्माण सरदार पटेल के संकल्प के साथ किया गया था, जिन्होंने 13 नवंबर 1947 को सोमनाथ मंदिर के खंडहरों का दौरा किया था। भारत के तत्कालीन राष्ट्रपति स्वर्गीय डॉ राजेंद्र प्रसाद ने 11 मई 1951 को मौजूदा मंदिर में प्राण-प्रतिष्ठा की थी।


