JM म्हात्रे की संपत्तियों पर ED की बड़ी छापेमारी ; बीजेपी में पक्षप्रवेश के बाद भी नहीं रुकी कार्रवाई
ED conducts major raids on JM Mhatre's properties; action not stopped even after he joined BJP
नवी मुंबई/प्रतिनिधि : हाल ही में शेकाप छोड़कर बीजेपी में शामिल हुए जे.एम. म्हात्रे की दादर और पनवेल स्थित संपत्तियों पर प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने 18 जून 2025 को बड़ी छापेमारी की। यह कार्रवाई नवी मुंबई के पनवेल तालुका में स्थित सरकारी वन भूमि के अवैध अधिग्रहण और मनी लॉन्ड्रिंग से जुड़े एक बड़े घोटाले के सिलसिले में की गई। जे.एम. म्हात्रे, जो जे.एम. म्हात्रे इंफ्रास्ट्रक्चर प्राइवेट लिमिटेड के मालिक हैं और पूर्व पनवेल नगर परिषद अध्यक्ष रह चुके हैं, पर आरोप है कि उन्होंने वर्ष 2005 में मौजे वहाल गांव की सरकारी जमीन—सर्वे नंबर 427/1 (41.70 हेक्टेयर) और 436/1 (110.60 हेक्टेयर)—को फर्जी दस्तावेजों के ज़रिए अपने कब्जे में ले लिया। मामले की एफआईआर के अनुसार, म्हात्रे ने सर्वे नंबर 436/1 में से 1.86 हेक्टेयर भूमि राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) को सौंपकर ₹42.4 करोड़ रुपये का मुआवजा प्राप्त किया, जबकि सैयद मोहम्मद अब्दुल हमीद कादरी ने सर्वे नंबर 427/1 की 0.4225 हेक्टेयर भूमि NHAI को बेचकर ₹9.69 करोड़ रुपये हासिल किए। इस भूमि के हस्तांतरण में कथित तौर पर सरकारी दस्तावेजों में जालसाजी की गई, जिसके चलते अलीबाग डिवीजन के वन विभाग के एक रेंज फॉरेस्ट ऑफिसर ने सितंबर 2024 में पनवेल पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज कराई थी। उसी शिकायत के आधार पर ED ने प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट (PMLA) के तहत मामला दर्ज किया और मंगलवार को देर रात से बुधवार तक दादर और पनवेल में म्हात्रे के ठिकानों पर तलाशी अभियान चलाया। इस दौरान ED ने कई दस्तावेज, संपत्ति रिकॉर्ड, बैंक डिटेल्स और डिजिटल साक्ष्य जब्त किए हैं। बताया जा रहा है कि जांच का दायरा बढ़ाया जा रहा है और इस घोटाले में शामिल अन्य भू-माफिया, सरकारी अफसरों और बिचौलियों की भूमिका की भी जांच हो रही है। राजनीतिक रूप से यह मामला इसलिए भी गरमाया हुआ है क्योंकि जे.एम. म्हात्रे हाल ही में शेतकरी कामगार पक्ष (शेकाप) छोड़कर भाजपा में शामिल हुए थे। विपक्षी दलों ने इस कार्रवाई का स्वागत करते हुए कहा कि यह स्पष्ट संकेत है कि कानून से कोई भी ऊपर नहीं है, चाहे उसका राजनीतिक रसूख कितना भी बड़ा क्यों न हो। फिलहाल ईडी मामले की गहराई से जांच कर रही है और जल्द ही पूछताछ और संभावित गिरफ्तारियों की प्रक्रिया शुरू हो सकती है।




