Yog World Record : दिल्ली की ‘वान्या’ बनी भारत की कल्चरल एम्बेसडर, छोटी उम्र में बनाए 13 रिकॉर्ड
Young age, big determination: Vanya Sharma became a symbol of Indian culture
नई दिल्ली/प्रतिनिधि : भारत ने एक बार फिर साबित कर दिया है कि सच्चा नेतृत्व केवल उम्र से नहीं, साधना और संस्कार से तय होता है। दिल्ली की मात्र 7 वर्षीय बेटी वान्या शर्मा ने इतिहास रच दिया है। योग, संस्कृति, मंत्र, ध्यान और भक्ति के माध्यम से वान्या ने 13 अंतरराष्ट्रीय व विश्व रिकॉर्ड, 100 से अधिक राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय पुरस्कार, और अब ‘ग्लोबल योगा आइकॉन’ का गौरव हासिल किया है। जहाँ सामान्यतः इस उम्र में बच्चे खेलते हैं, वहीं वान्या ने भारतीय संस्कृति के अग्निकुंड में साधना की आहुति देकर एक ऐसा प्रकाश उत्पन्न किया है, जिसने संपूर्ण विश्व को चमत्कृत कर दिया। वान्या शर्मा, दिल्ली के एस. डी. पब्लिक स्कूल, पीतमपुरा की छात्रा हैं, जिन्होंने मात्र 3 वर्ष की उम्र से योग में कदम रखा और देखते ही देखते 7 वर्ष की आयु में विश्व रिकॉर्ड्स के मंच पर भारत का झंडा फहरा दिया। उनकी दिनचर्या में जहां आम बच्चों के लिए टीवी और मोबाइल होता है, वहाँ वान्या दिन की शुरुआत सूर्य नमस्कार, ध्यान, भजन, मंत्रोच्चार और श्लोक पाठ से करती हैं। वान्या की सफलता का बीज उनके परिवार में ही बोया गया था। पिता हेमंत शर्मा, 26 वर्षों से अनुभवी योगाचार्य, जिन्होंने वान्या के हर आसन को आकार दिया। माँ हिमानी शर्मा, उनकी प्रथम गुरु, जिन्होंने बेटी को केवल संस्कार नहीं दिए, बल्कि उसे संस्कृति की शक्ति बनाकर खड़ा किया। भाई मौलिक शर्मा, जो वान्या की ऊर्जा और सहारा बने। यह परिवार केवल योग सिखाता नहीं, उसे अपने जीवन का आधार मानता है।
13 ऐतिहासिक विश्व रिकॉर्ड (2021–2025)
| वर्ष | रिकॉर्ड बुक | उपलब्धि |
|---|---|---|
| 2021 | इंडिया बुक ऑफ रिकॉर्ड | 14 योगासन (3 वर्ष की आयु में) |
| एशिया बुक ऑफ रिकॉर्ड | 21 योग मुद्राएँ | |
| जीनियस बुक ऑफ रिकॉर्ड | यंगेस्ट योगा जीनियस | |
| इंटरनेशनल बुक ऑफ रिकॉर्ड | 35 योग मुद्राएँ | |
| 2022 | इंडिया बुक ऑफ रिकॉर्ड | विशेष बच्चों को योग सिखाने वाली सबसे कम उम्र की बालिका |
| 2023 | गिनीज़ वर्ल्ड रिकॉर्ड (भागीदारी) | 75 करोड़ सूर्यनमस्कार – सबसे बड़ा ऑनलाइन योग एल्बम |
| 2024 | अचीवर्स बुक ऑफ रिकॉर्ड (2 रिकॉर्ड) | योग उत्कृष्टता और रामकथा प्रस्तुतिकरण |
| सुपर टैलेंटेड किड | योग, भजन, मंत्र, रामायण | |
| कल्कि रिकॉर्ड ऑफ रिकॉर्ड | 20 धार्मिक मंत्र | |
| वर्ल्ड रिकॉर्ड यूनियन | विश्व ध्यान दिवस ऑनलाइन क्लास | |
| 2025 | यूनिवर्सल बुक ऑफ रिकॉर्ड | ग्लोबल योगा आइकॉन |
| वर्दी वेलनेस | सार्वजनिक योग सम्मान |
100 से अधिक राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय सम्मान
वान्या को देश-विदेश में 100 से अधिक बार मंचों पर सम्मानित किया जा चुका है। राष्ट्रीय स्तर पर भी उन्हें कई पुरस्कार मिल चुके हैं. जिनमें डॉ. ए.पी.जे. अब्दुल कलाम अवार्ड, रतन टाटा मेमोरियल अवार्ड, ग्लोबल फेम अवार्ड, शहीद भगत सिंह नोबल अवार्ड, एहसास अचीवर्स अवार्ड 2025, राइट चॉइस अवार्ड, महर्षि घेरंड योग रत्न सम्मान, कल्कि गौरव सम्मान, डॉ. राधाकृष्णन शिक्षा सम्मान, नेशनल चाइल्ड अवार्ड एवं अटल गौरव सम्मान प्रमुख हैं. वान्या को दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता, पद्मश्री कैलास सत्यार्थी, स्वामी रामदेव एवं आचार्य बालकृष्ण ने भी सराहना की है. इसके अलावा डॉ.किरन बेदी, स्वामी चिंदानंद सरस्वती, अभिनेता सोनू सूद, राकेश बेदी और एक्ट्रेस अमीशा पटेल भी प्रोत्साहित कर चुकी हैं. भवानी प्रसाद दास महाराज एवं पद्मश्री रमेश परमार एवं शांति परमार भी वान्या के योग प्रयासों की प्रशंसा कर चुके हैं. दिल्ली सीएम रेखा गुप्ता कहती हैं कि वान्या केवल एक बालिका नहीं बल्कि भारतीय संस्कृति की ग्लोबल एम्बेसडर हैं.
वान्या अब कल्कि फाउंडेशन की ब्रांड एम्बेसडर भी हैं, जो भारत में शिक्षा, संस्कार और आध्यात्मिक उन्नति का कार्य करती है। वह विभिन्न सामाजिक व आध्यात्मिक कार्यक्रमों में सहभागिता करती हैं और बच्चों को योग व ध्यान से जोड़ने का कार्य कर रही हैं। वान्या केवल एक नाम नहीं, बल्कि एक मिशन बन चुकी हैं। वह इस बात का जीवंत प्रमाण हैं कि संस्कार, साधना और समर्पण यदि बचपन में ही दिए जाएँ, तो बालक नहीं, एक युग बन जाता है। भारत की धरती से उठी यह छोटी सी बालिका आज पूरी दुनिया के लिए आध्यात्मिक प्रेरणा, संस्कृतिक प्रकाश और राष्ट्र गौरव की प्रतीक बन चुकी है।




