गुरु तेग बहादुर जी के बलिदान को जन-जन तक पहुंचाने की तैयारी – मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस
Preparations to spread the message of Guru Teg Bahadur Ji's sacrifice to the masses - Chief Minister Devendra Fadnavis
मुंबई/सुमित गायकवाड : श्री गुरु तेग बहादुर साहिब जी की 350वीं शाहिदी वर्षगांठ और श्री गुरु गोविंद सिंह जी की 350वीं गुरु-ता-गद्दी समागम के उपलक्ष्य में महाराष्ट्र सरकार बड़े पैमाने पर आयोजन करेगी। इन ऐतिहासिक और धार्मिक रूप से महत्वपूर्ण कार्यक्रमों का आयोजन नांदेड़, नागपुर और मुंबई में किया जाएगा। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने आश्वस्त किया है कि इन आयोजनों की सफलता के लिए राज्य सरकार हर संभव सहयोग प्रदान करेगी। मुख्यमंत्री निवास “वर्षा” में शुक्रवार, 13 जून को इन आयोजनों के सिलसिले में एक राज्यस्तरीय समिति की बैठक आयोजित की गई। बैठक में समिति के मार्गदर्शक संत ज्ञानी हरनाम सिंहजी खालसा, संत श्री बाबूसिंह महाराज, संत रघुमुनीजी महाराज, गोपाल चैतन्यजी महाराज, शरद ढोले, तथा राज्यस्तरीय समन्वयक रामेश्वर नाइक उपस्थित थे। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने इस अवसर पर कहा, “गुरु तेग बहादुर साहिब जी ने मुगलों के अत्याचारों के खिलाफ लड़ते हुए समाज के लिए अपना बलिदान दिया। उनका जीवन और बलिदान आज की पीढ़ी के लिए प्रेरणास्त्रोत है। यह कार्यक्रम केवल अतीत की याद नहीं दिलाएगा, बल्कि वर्तमान पीढ़ी को उनकी जिम्मेदारियों का भी बोध कराएगा। यह समागम समाज में एकता और देशभक्ति की भावना को मजबूत करने वाला होगा।” फडणवीस ने यह भी कहा कि यह कार्यक्रम केवल धार्मिक आयोजन नहीं है, बल्कि यह देश की विविध संस्कृतियों और समाजों को एकजुट करने का माध्यम भी बनेगा। उन्होंने यह स्पष्ट किया कि यह एक ऐतिहासिक अवसर है, जिससे नई पीढ़ी को अपने गौरवशाली इतिहास से जोड़ने का कार्य किया जाएगा।
आयोजन की तारीखें और स्थान:
राज्यस्तरीय समन्वयक रामेश्वर नाइक ने बैठक में जानकारी दी कि समागम के तहत प्रमुख कार्यक्रम निम्नलिखित तिथियों पर होंगे:
- नांदेड़: 15 व 16 नवंबर 2025
- नागपुर: 6 दिसंबर 2025
- नवी मुंबई: 21 व 22 दिसंबर 2025
इन आयोजनों में श्री गुरु तेग बहादुर जी और श्री गुरु गोविंद सिंह जी की शिक्षाओं, जीवन दर्शन और बलिदान को जन-जन तक पहुंचाने का प्रयास किया जाएगा। साथ ही भव्य सांस्कृतिक कार्यक्रम, धार्मिक प्रवचन, प्रभात फेरियां, और शोभायात्राएं भी आयोजित की जाएंगी।बैठक में संत श्री बाबूसिंहजी महाराज और संत ज्ञानी हरनाम सिंहजी खालसा ने भी अपने विचार रखे और सरकार के इस ऐतिहासिक आयोजन में सहभागिता को सराहा। उन्होंने कहा कि यह आयोजन न केवल सिख समाज के लिए, बल्कि पूरे देश के लिए गौरव का विषय है। मुख्यमंत्री फडणवीस की अध्यक्षता में हुई इस राज्यस्तरीय बैठक से स्पष्ट संकेत मिला कि महाराष्ट्र सरकार इस ऐतिहासिक समागम को यादगार बनाने के लिए प्रतिबद्ध है। राज्य की तीन प्रमुख शहरों में आयोजित होने वाला यह कार्यक्रम आने वाली पीढ़ियों को न केवल इतिहास से जोड़ने का कार्य करेगा, बल्कि एकता, समर्पण और देशप्रेम की भावना को भी प्रोत्साहित करेगा।




