
Divine Honor : जगत्गुरू जयराम देवाचार्य महाराज का कामोठे में भव्य सत्कार
Spiritual Majesty: Divine Honor for Jagatguru Jayaramdevacharya Maharaj at Kamothe
पनवेल-लालचंद यादव/ श्रीललितांबा शक्तिपीठ के पीठाधीश्वर परमपुज्य श्री जयरामदेवाचार्य महाराज के कामोठे आगमन पर आज असंख्य भक्तों एवं श्रद्धालुओं ने दर्शन और आशीर्वाद का लाभ लिया. श्री जयरामदेवाचार्य महाराज को बीते महाकुंभ में श्रीमद जगत्गुरु की उपाधि से अलंकृत किया गया है. आज कामोठे के साई सरस्वती नर्मदेश्वर मंदिर पहुंचने पर असंख्य भक्तों एवं श्रद्धालुओं ने सिंहनाद के बीच उनका दिव्य अगुआनी करते हुए स्वागत किया. इससे पहले दिसंबर 2024 में श्री जयरामदेवाचार्य महाराज भागवत कथा महायज्ञ के लिए कामोठे पधारे थे. श्रीमद जगत्गुरु बनने के बाद नवी मुंबई में उनका प्रथम आगमन हुआ है.यहां पहुचने पर फूलों की वर्षा के बीच उनका आगमन हुआ. साई सरस्वती नर्मदेश्वर मंदिर में दर्शन के पश्चात गुरुदेव ने सबको अपना आशीर्वचन दिया.
जगद्गुरू के आगमन से पावन हुई कामोठे नगरी-अशोक सिंह
इस अवसर पर शिवसाई सामाजिक सेवा संस्था के अशोक सिंह बंधु ने अपनी माताश्री के साथ श्रीमद जगत्गुरु जयरामदेवाचार्य महाराज का चरण पखारते हुए गुरुपूजन किया. वहीं ललितांबा समिति के अध्यक्ष केडी शुक्ला एवं बड़ेलाल मिश्र ने गुरुदेव के कामोठे पधारने पर आनंद व्यक्त किया. वहीं रजनीश मिश्रा, टीपी चतुर्वेदी एवं पंडित राघव शरण पांडेय ने पुष्पहार से गुरुदेव का दिव्य अभिनंदन करते हुए कहा कि आज कामोठे वासियों और नवी मुंबईकरों का भाग्योदय हुआ है जिसके फलस्वरुप स्वयं जगद्गुरू श्री जयराम देवाचार्य महाराज उनके बीच पधारे हैं. श्रद्धालूजनों ने कहा कि गोस्वामीजी लिखते हैं कि बिन हरि कृपा मिले नहीं संता…किंतु यहां तो उससे भी उत्तम योग है कि स्वयं सद्गुरु यहां भक्तों को आशिर्वचन देने पधारे हैं.
श्रद्धालूजनों ने कहा कि आज समस्त कामोठे वासियों का सौभाग्य उदय हो गया है. ईश्वर की असीम कृपा है कि ऐसे साक्षात महासंत के दर्शन का लाभ मिल रहा है. सबने आनंद व्यक्त हुए कहा कि गुरुदेव के आगमन और आशीर्वाद से कामोठे की धरती पावन हो गयी है अब यहां धर्म एवं आध्यात्मिक चेतना और अधिक ऊर्जावान होगी और धर्म एवं समाज कल्याण के लिए प्रेरित करेगी.कोपरखैरणे महालक्ष्मी मंदिर में गुरुदेव की शिवकथा
इस अवसर पर अपने उद्बोधन में श्रीमद जगत्गुरु जयरामदेवाचार्य महाराज ने सभी श्रद्धालूजनों को आशीर्वाद प्रदान किया. उन्होंने कहा कि बीते दिसंबर माह में कामोठे मे जो श्रीमद भागवत कथा आयोजित हुई थी उसी का पुण्य फलीभूत हुआ है जिसके चलते हुए उन्हें अखाड़ा परिषद ने श्रीमद जगत्गुरू की उपाधि से अलंकृत किया. उन्होंने विश्वास व्यक्त करते कहा कि कामोठे धर्म की नगरी है. यहां आध्यात्म का प्रवाह निरंतर चलता रहेगा. फिलहाल पूज्य महाराजजी 7 दिनों तक नवी मुंबई के कोपरखेरणे में ठहरने वाले हैं जहां श्री महालक्ष्मी मंदिर ने शिवकथा महोत्सव का आयोजन किया गया है. श्रीमद जगत्गुरु ने सभी भक्त जनों से इस शिवकथा आयोजन में उपस्थित रहने का भी आह्वान किया.
Spiritual Majesty: Divine Honor for Jagatguru Jayaramdevacharya Maharaj at Kamothe



