JNPT से Navi Mumbai एयरपोर्ट तक नया हाईवे | 4500 करोड़ की मंजूरी
New highway from JNPT to Navi Mumbai Airport | 4500 crores approved
मुंबई/ सुमित गायकवाड : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में आर्थिक मामलों की मंत्रिमंडलीय समिति ने महाराष्ट्र में जेएनपीए पोर्ट (पगोटे) से चौक (29.219 किमी.) तक 6-लेन एक्सेस नियंत्रित ग्रीनफील्ड हाई स्पीड राष्ट्रीय राजमार्ग के निर्माण को मंजूरी दे दी है। यह परियोजना 4500.62 करोड़ रुपये की कुल पूंजी लागत पर बीओटी (टोल) मोड पर पूरी की जाएगी। इस परियोजना को “प्रधानमंत्री गतिशक्ति राष्ट्रीय मास्टर प्लान” के तहत एक प्रमुख बुनियादी ढांचा विकास योजना माना जा रहा है, जो देश के विभिन्न बंदरगाहों और हवाई अड्डों को बेहतर कनेक्टिविटी प्रदान करेगा।
बीओटी पद्धति पर हो रहा विकास, 4500 करोड़ का प्रोजेक्ट
इस परियोजना के पूरा होने के बाद, यह मुंबई और पुणे के आसपास के क्षेत्रों में विकास, प्रगति और समृद्धि के नए रास्ते खोलेगा। बेहतर सड़क कनेक्टिविटी से इन क्षेत्रों में औद्योगिक और वाणिज्यिक विकास को प्रोत्साहन मिलेगा, और नए रोजगार सृजित होंगे। इस 6-लेन ग्रीनफील्ड प्रोजेक्ट की अनुमानित लागत 4500.62 करोड़ रुपये है, और यह बिल्ड, ऑपरेट और ट्रांसफर (बीओटी) मोड पर संपन्न किया जाएगा। इसके तहत निर्माण, संचालन और बाद में ट्रांसफर के लिए निजी क्षेत्र की भागीदारी सुनिश्चित की जाएगी।
बंदरगाह कनेक्टिविटी में होगा व्यापक सुधार
इस हाईवे का मुख्य उद्देश्य जेएनपीए बंदरगाह और नवी मुंबई अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे के बीच कनेक्टिविटी को मजबूत करना है। वर्तमान में, भारी ट्रैफिक और जाम के कारण जेएनपीए पोर्ट से मुंबई-पुणे एक्सप्रेसवे तक यात्रा करने में 2-3 घंटे का समय लग जाता है। इसके परिणामस्वरूप, सड़क मार्ग में सुधार की आवश्यकता महसूस हो रही थी, खासकर जब 2025 में नवी मुंबई हवाई अड्डे का संचालन शुरू होगा, और इस क्षेत्र में ट्रैफिक की मांग और बढ़ेगी। इस परियोजना के तहत, उच्च गति वाले मार्गों का निर्माण किया जाएगा जो राष्ट्रीय राजमार्गों और बंदरगाहों के बीच व्यापारिक और माल ढुलाई की दक्षता को बढ़ाएगा। यह परियोजना स्थानीय और अंतर्राष्ट्रीय व्यापार की सुगमता में वृद्धि करने में सहायक सिद्ध होगी।
दूर होगा जाम
यह परियोजना विशेष रूप से पहाड़ी क्षेत्रों से गुजरने वाले मार्गों में दो सुरंगों का निर्माण भी करेगी, जो बड़े वाणिज्यिक वाहनों के लिए आवागमन को आसान और तेज बनाएगी। इन सुरंगों से, घाट खंड के बजाय सहयाद्री पर्वत से गुजरने वाले ट्रक और कंटेनर तेज गति से आवागमन कर सकेंगे, जिससे यातायात में रुकावट कम होगी और माल ढुलाई की गति में वृद्धि होगी।




