
बालगंगा बांध पीड़ितों का पुनर्वसन कब होगा-MLA प्रशांत ठाकुर का बड़ा सवाल
When will be rehabilitation of Balganga dam victim's - Minister'makrand jadhav patil s Reply
मुंबई/अधिवेशन प्रतिनिधि: रायगड़ जिले के पेन तालुका में स्थित बालगंगा बांध परियोजना के पीड़ितों का पुनर्वसन कब होगा, आज यह सवाल बजट अधिवेशन में गूंजता रहा. 15 वर्ष पहले बालगंगा बांध को मंजूरी दी गई थी. मकसद नवी मुंबई, पनवेल, पेण और उरण के लिए पीने का पानी उपलब्ध कराना था. वर्ष 2014 में बांध का काम पूरा होना था लेकिन तय समय के साथ इसका निर्माण बजट भी बढ़ता चला गया. जमीनी हकीकत ये है कि अभी तक बालगंगा बांध परियोजना का काम पूरा नहीं हुआ है. इस परियोजना से लगभग 3 हजार परिवारों का पुनर्वसन अधर में लटका है. आज इस मुद्दे को लेकर पनवेल के विधायक प्रशांत ठाकुर एवं पेण के विधायक रविशेठ पाटिल ने सरकार का ध्यान आकर्षित किया. सदन में राहत और पुनर्वास मंत्री मकरंद जाधव पाटिल ने जवाब दिया, और भरोसा दिलाया कि जल्द ही पीड़ितों की मांग और बांध परियोजना को पूरा किया जाएगा. इस संदर्भ में बीते जनवरी महीने में खुद मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस बैठक कर चुके हैं और परियोजना की समीक्षा करते हुए आवश्यक कार्यवाही का निर्देश भी दे चुके हैं.
9 गांव, 17 बस्तियां-3 हजार परिवारों का क्या होगा!
पीड़ितों की मांग-पहले पुनर्वसन होना चाहिए
सदन में सवाल उठाते हुए पेण और पनवेल के विधायकों ने पीड़ित परिवारों के हवाले से कहा कि ग्रामीण बालगंगा बांध के खिलाफ नहीं है, लेकिन वे अपनी सभी समस्याओं का समाधान चाहते हैं. सरकार ने वहां पहले पुनर्वसन फिर परियोजना विकास की प्रक्रिया नहीं अपनाई है इसलिए मांग की गई कि बांध पीड़ितों के लिए मुआवजा, पुनर्वास पैकेज, नागरी सुविधाएं परिवार संख्या का निर्धारण, समेत अन्य योजनाओं के लाभ जैसे विभिन्न मुद्दों को प्राथमिकता के साथ हल किया जाना चाहिए.
पैकेज रेडीः 680 करोड़ की धनराशि बांटेगी सरकार-राहत मंत्री
इस पर राहत और पुनर्वसन मंत्री मकरंद जाधव-पाटिल ने जवाब देते हुए कहा कि सरकार ने पेण, नवी मुंबई, पनवेल, उरण के लोगों को पीने का पानी उपलब्ध कराने के लिए 2009 में बागंगा बांध को मंजूरी दी थी. लेकिन इस बांध का काम अदालती मामलों के साथ-साथ पीड़ित परिवारों की संख्या के निर्धारण और कुछ आपत्तियों के कारण लंबित पड़ा है.हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि इस संबंध में एक फैसला पारित किया गया है. भूमि अधिग्रहण अधिनियम 13 के अनुसार अधिग्रहण प्रक्रिया लागू की गई है.इस संदर्भ में लगभग 13 गांवों और 17 बस्तियों का पुनर्वास किया जा रहा है. बालगंगा बांध परियोजना के भूमि अधिग्रहण के लिए 680 करोड़ रुपये की धनराशि वितरित की गई है. इसमें से 426 करोड़ रुपये वितरण के लिए उपलब्ध करा दिये गये हैं और शेष 4.24 करोड़ रुपये बांटने का मामला अदालत में होने के कारण उक्त राशि कोर्ट में जमा करा दी गयी है.
2474 परिवारों के नाम पर मूहर, नई पुनर्वास योजना को मंजूरी
पुनर्वसन मंत्री ने कहा कि जनवरी माह में मुख्यमंत्री देवेन्द्र फड़णवीस की अध्यक्षता में हुई बैठक में इन मुद्दों को लेकर फैसले हो चुके हैं. बांध के लिए आवश्यक राशि का भुगतान करने का भी निर्णय लिया गया है। मुख्यमंत्री ने यह जिम्मेदारी सिडको को सौंपी . सिडको ने बोर्ड बैठक में इस बात पर मुहर भी लगा दी है. पीड़ित परिवारों की संख्या को लेकर जो शिकायत की गयी थी, उसकी दोबारा जांच करने के बाद 2474 परिवार निर्धारित हो चुके हैं. वहीं उक्त परियोजना की संशोधित पुनर्वास योजना को भी सरकार ने 4 मार्च को मंजूरी दे दी है. 877. 22 करोड़ का प्रस्ताव अनुमोदन के लिए मंडलायुक्त को भेजा गया है। मंत्री ने कहा कि बांध परियोजना एवं प्रकल्पग्रस्तों की मांगों का समाधान और परियोजना का कार्य शीघ्र पूरा किया जाएगा.




