
मंत्री Ganesh Naik के जनता दरबार पर बढ़ रहा जनता का भरोसा, सैकड़ों ने सुनाई फरियाद
Forest minister Ganesh Naik's 2nd janta darbar, citizen believe they will get justice
नवी मुंबई, रवि चंदः राज्य के वन मंत्री गणेश नाईक ने आज नवी मुंबई में दूसरा जनता दरबार लगाया और जनता की फरियाद सुनी. मंत्री गणेश नाईक का अब तक यह चौथा जनता दरबार है. आज वाशी के विष्णुदास भावे में आयोजित दूसरे जनता दरबार में सैकड़ों नागरिकों ने अधिकारियों के सामने अपनी शिकायत और फरियाद रखी.शिकायत करने वालों में दिव्यांग जन, महिलाएं और बुजुर्ग भी बड़ी संख्या में नजर आए. पिछली बार के जनता दरबार की तुलना में हालांकि इस बार कम हजारों के बजाय सैकड़ों लोग आए लेकिन फिर भी इसे आम जनों के लिए बड़ी सुविधा माना जा रहा है. अधिकांश लोग जो संबंधित अधिकारियों के चक्कर लगाकर थक रहे हैं उन्हें मंत्रालय जाने की बजाय नवी मुंबई में ही अपनी शिकायत एक मंत्री के जरिए समक्ष रखने और समाधान पाने की गुंजाइश मिलती है.
राजनीति की बजाय जनता को समाधान देने का प्रयास
वन मंत्री गणेश नाईक के जनता दरबार को पहले यह कहा गया कि वे ठाणे जिले में डिप्टी सीएम और शिवसेना चीफ एकनाथ शिंदे का वर्चस्व कम करने और बीजेपी का दबदबा कायम करने की एक राजनीतिक कोशिश है. हालांकि जनता दरबार में ऐसी कोई राजनीति नजर नहीं आयी. यहां वनमंत्री गणेश नाईक शोर सराबा किए बिना जनता की शिकायत सुनते और उन्हें मदद करने के प्रयास में दिखे.आज वन मंत्री एवं ऐरोली के विधायक गणेश नाईक ने सैकड़ों आम जनों की लिखित शिकायतें स्वीकार की और उस शिकायत से जुड़े संबंधित विभाग के उच्चाधिाकारी से चर्चा करते हुए उससे समाधान पर जवाब मांगा. इस दौरान पुलिस विभाग, महानगरपालिका और सिडको, एमआईडीसी, बिजली विभाग, सेवा और शिक्षा एवं तमाम विभागों के उच्चाधिकारियों को बुलाया गया था. मंत्री गणेश नाईक ने जनता के दरबार में जनता की शिकायतें सुनते हुए इन अधिकारियों को तत्संबंधी कार्यवाही का निर्देश दिया.और अगले जनता दरबार के दौरान कार्यवाही रिपोर्ट प्रस्तुत करने का भी सुझाव दिया.
मंत्रीजी ने न्याय और समाधान की उम्मीद जगा दी है-जनता
यहां आए शिकायतकर्ताओं और आम जनों ने टीवी वन इंडिया के साथ अपनी राय साझा की. उन्होंने कहा कि लंबे समय से वे शिकायत करते आ रहे हैं लेकिन उस पर कोई सुनवाई नहीं हो रही थी. तो क्या जनता दरबार में समाधान मिलेगा, यहां कितनी मदद मिल रही है. इस सवाल पर आम जनों और शिकायतकर्ताओं का जवाब था कि पहले अधिकारी सुनते तक नहीं थे, लेकिन अब जब मंत्री विधायक गणेश नाईक के सामने उन्होंने गंभीरता से फरियाद सुनी है इसलिए भरोसा जगा है कि अब न्याय और समाधान जरूर मिलेगा, क्यों कि अधिकारियों को अब कार्रवाई करनी होगी, और शिकायत पर जवाब भी देना होगा.



