Hindu Fasting Rules: व्रत में क्या करें और क्या न करें? प्रेमानंद जी से जानिए व्रत रखने का सही तरीका
Hindu Fasting Rules: What to do and what not to do during fasting? Know the right way to keep fast from Premanand ji
Hindu Fasting Rules : सनातन धर्म में व्रत का बहुत महत्व होता है. त्योहार और पर्व पर लोग अपनी मानसिक – शारीरिक शुद्धि और मजबूती के लिए व्रत रखते हैं. व्रत रखने के लिए बहुत से तरीके बताये गये हैं. व्रत के दौरान व्यक्ति को कुछ नियमों का पालन करना चाहिए.ये नियम हमारे ऋषि मुनियों ने शास्त्र सम्मत विधि से निर्धारित किये हैं. यदि व्रत के दौरान उन नियमों का पालन नहीं किया जाये तो व्रत खंडित हो जाता है. व्रत के दौरान मिलने वाले फल की जगह पाप लगता है. इसलिए व्रत के दौरान व्यक्ति को नियमों का पूर्ण श्रद्धा से पालन करना चाहिए.
विश्व प्रसिद्ध आध्यात्मिक संत प्रेमानन्द महाराज ने व्रत को लेकर कुछ नियमों के बारे में बताया. इन नियमों के पालन ना करने से व्यक्ति का व्रत पूर्ण नहीं होता बल्कि पाप भी लगता है. क्षमा, सत्य, दया, दान, शौच, इन्द्रिय-संयम, देवपूजा, अग्निहो़त्र, संतोष तथा चोरी ना करना, यह 10 नियम सम्पूर्ण व्रतों में आवश्यक माने गए हैं. आइये विस्तार से जानते हैं व्रत के नियमों के बारे में.
सावधान आपका व्रत खंडित हो सकता है !
व्रत के दिन दिन में सोना. व्रत के दौरान किसी की बुराई करना. व्रत में बार-बार कुछ-न-कुछ खाना. व्रत में बार-बार शौच जाना. व्रत में गलत व्यवहार करना. व्रत में गलत आचरण रखना. व्रत में गलत मनोभाव रखना. व्रत में कैलोरी वाली चीज़ें खाना. व्रत में रक्त शर्करा को प्रभावित करने वाली चीज़ें खाना. व्रत के समय हमें दिन में बार-बार खानपान नहीं करना चाहिए. इससे व्रत खंडित हो जाता है. स्नान एवं दैनिक क्रियाओं से निव्रत हो करके यदि हम दिन में बार-बार शौच क्रिया करते हैं तो इससे भी व्रत खंडित हो जाता है. व्रत में लोगों के साथ बैठकर किसी अन्य व्यक्ति की बुराई अथवा चुगली करने से व्रत खंडित हो जाता है. व्रत के दौरान रात्रि कीड़ा करने से अर्थात संभोग करने से भी व्रत खंडित हो जाता है.
व्रत गलती से टूट, तो घबराएं नहीं करें ये उपाय
जिस चीज़ को खाने से व्रत टूटा उसे दान करना चाहिए.शास्त्रों के मुताबिक, व्रत टूट जाए तो हवन करना चाहिए. अपने इष्ट देव से क्षमा मांगनी चाहिए.अपने इष्ट देव की पूजा करनी चाहिए और जल अर्पित करना चाहिए. व्रत का संकल्प लेना चाहिए. पुनः व्रत रखना चाहिए. टूटे व्रत को दोबारा रखने के बाद अगले दिन पारण करना चाहिए.




