Mahakumbh Stampede : महाकुंभ भगदड़ पर सुप्रीम कोर्ट का सुनवाई से इनकार, याचिका खारिज
Mahakumbh Stampede Supreme Court: Go to highcourt

दिल्ली: मौनी अमावस्या पर प्रयागराज के महाकुंभ में हुई भगदड़ और श्रद्धालुओं की मौत का मामला सुप्रीम कोर्ट पहुंच गया है. एक संस्था ने सर्वोच्च न्यायालय में घटना के खिलाफ योगी सरकार को जिम्मेदार ठहराते हुए विशेष गाइडलाईन तैयार करने की मांग के साथ सुनवाई की अपील की थी हालांकि सुप्रीम कोर्ट ने इसे खारिज करते हुए साफ कर दिया कि याचिकाकर्ता को पहले इलाहाबाद हाईकोर्ट जाना चाहिए. प्रयागराज में 13 जनवरी से प्रारंभ हुआ महाकुंभ 26 फरवरी तक चलने वाला है. यहां मौनी अमावस्या को 7 करोड़ श्रद्धालु पहुंचे थे जहां भगदड़ मचने से 30 जनों की मौत हो गयी जबकि सैकड़ों लोग घायल और लापता बताए जा रहे हैं.
सीजेआई संजीव खन्ना ने जोर देकर कहा कि यह काफी दुर्भाग्यपूर्ण घटना थी और चिंता की बात भी है, लेकिन याचिकाकर्ता को सबसे पहले हाई कोर्ट का रुख करना चाहिए, यानी की सर्वोच्च अदालत ने इस मुद्दे को खारिज नहीं किया है, इसकी गंभीरता को भी समझा है, बस प्रोटोकॉल का पालन करने की नसीहत दी गई है
सुप्रीम कोर्ट ने याचिकाकर्ता से कहाः इलाहाबाद हाईकोर्ट जाइए
उत्तर प्रदेश के प्रयागराज में जारी महाकुंभ में लगातार करोड़ों की भीड़ आ रही है, श्रद्धालु आस्था की डुबकी लगा रहे हैं। लेकिन मौनी अमावस्या के दिन भगदड़ की वजह से जब से 30 श्रद्धालुओं की मौत हुई है, मामला गरमा चुका है। इसी कड़ी में सुप्रीम कोर्ट में एक याचिका दायर की गई थी। उस याचिका के जरिए मांग की गई कि महाकुंभ के लिए गाइडलाइन तैयार की जाए और जितनी भी राज्य सरकारें हैं, वो भी यूपी की सरकार से को-ऑर्डिनेट करें।लेकिन सुप्रीम कोर्ट ने उस याचिका को खारिज कर दिया है, सीजेआई संजीव खन्ना ने जोर देकर कहा कि यह काफी दुर्भाग्यपूर्ण घटना थी और चिंता की बात भी है, लेकिन याचिकाकर्ता को सबसे पहले हाई कोर्ट का रुख करना चाहिए, यानी की सर्वोच्च अदालत ने इस मुद्दे को खारिज नहीं किया है, इसकी गंभीरता को भी समझा है, बस प्रोटोकॉल का पालन करने की नसीहत दी गई है। जाहिर है अब याचिकाकर्ता को इलाहाबाद हाईकोर्ट का रुख करना होगा. प्रयागराज क्षेत्र इलाहाबाद हाईकोर्ट के अधीन स्थित है.



