पंचायत से संसद : राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने महिला सशक्तिकरण को बताया लोकतंत्र का आधार
Panchayat to Parliament: President Draupadi Murmu called women empowerment the basis of democracy
नई दिल्ली, राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने आज राष्ट्रपति भवन सांस्कृतिक केन्द्र में पंचायती राज संस्थाओं की अनुसूचित जनजाति की महिला प्रतिनिधियों से मुलाकात की। यह बैठक ‘पंचायत से संसद’ पहल के तहत हुई, जिसे राष्ट्रीय महिला आयोग और जनजातीय कार्य मंत्रालय ने लोकसभा सचिवालय के सहयोग से आयोजित किया था। राष्ट्रपति ने महिला प्रतिनिधियों को संबोधित करते हुए कहा कि पंचायती राज संस्थाएं लोकतंत्र की नींव हैं और सामुदायिक विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। उन्होंने बताया कि देशभर में 14 लाख महिलाएं पंचायती राज संस्थाओं में काम कर रही हैं, जो कुल निर्वाचित प्रतिनिधियों का 46 प्रतिशत हैं। उन्होंने राज्यों में महिलाओं के लिए आरक्षण को बढ़ाकर 50 प्रतिशत करने की प्रक्रिया का भी उल्लेख किया।
अधिकारों का समुचित उपयोग करने की सलाह
राष्ट्रपति ने महिला प्रतिनिधियों से आग्रह किया कि वे सरकारी कल्याणकारी योजनाओं के लाभ के बारे में लोगों को जागरूक करें और यह सुनिश्चित करें कि बच्चों का समय पर टीकाकरण हो, गर्भवती महिलाओं को उचित पोषण मिले और बच्चों की पढ़ाई बीच में न रुके। इसके साथ ही, दहेज, घरेलू हिंसा और नशे जैसी सामाजिक बुराइयों के खिलाफ अभियान चलाने का भी आह्वान किया। राष्ट्रपति ने पंचायत प्रतिनिधियों को उनके अधिकारों का समुचित उपयोग करने और ग्रामीणों के विवाद पंचायत स्तर पर सुलझाने की सलाह दी। इससे संसाधनों की बचत के साथ ही सामुदायिक सौहार्द को बढ़ावा मिलेगा।




