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अब इंसान नहीं रोबोट करेंगे सेप्टिक टैंकों की सफाई : मानवाधिकार आयोग का बड़ा निर्देश

Now robots will clean septic tanks, not humans: Major directive from Human Rights Commission

दिल्ली: PIB: राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (NHRC) ने नई दिल्ली  स्थित अपने कार्यालय परिसर में ‘व्यक्तियों की गरिमा और स्वतंत्रता- मैनुअल स्कैवेंजरों के अधिकार’ पर हाइब्रिड मोड में खुली चर्चा का आयोजन किया। इस चर्चा की अध्यक्षता राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग के अध्यक्ष न्यायमूर्ति वी. रामसुब्रमण्यन ने की। आयोग की सदस्य श्रीमती विजया भारती सयानी और न्यायमूर्ति (डॉ) बिद्युत रंजन सारंगी, महासचिव भरत लाल और अन्य वरिष्ठ अधिकारी इस अवसर पर  उपस्थिति रहें। विभिन्न मंत्रालयों और राज्य सरकारों, गैर सरकारी संगठनों, मानवाधिकार रक्षकों, संयुक्त राष्ट्र एजेंसियों, निजी संगठनों और शोध विद्वानों के प्रतिनिधि इस कार्यक्रम में शामिल हुए और उन्होंने मैनुअल स्कैवेंजरों के अधिकारों और उनकी गरिमा सुनिश्चित करने से सम्बंधित प्रासंगिक मुद्दों पर चर्चा में योगदान दिया।

सिंगल स्टेट से पायलट परियोजना प्रारंभ करने का सुझाव

राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग अध्यक्ष ने कहा कि मैनुअल स्कैवेंजिंग एक ऐसा क्षेत्र है जिसे कानूनी रूप से निपटाया जा रहा है, इस काम को प्रबंधित किया जा रहा है और इसे बंद कराने के लिए न्यायिक रूप से निगरानी की जा रही है. हालांकि, यह चिंताजनक है कि सीवेज और खतरनाक कचरे की मैनुअल सफाई को बंद किये जाने के कानूनी प्रावधानों के बावजूद अभी भी सफाई कर्मचारियों की मौतें हो रही हैं.न्यायमूर्ति रामसुब्रमण्यन ने कहा कि इस समस्या के निपटने के उपाय सुझाने के लिए इसके कारणों का अध्ययन और उन्हें समझना आवश्यक है। उन्होंने सीवर लाइनों और सेप्टिक टैंकों की सफाई के लिए प्रौद्योगिकी / रोबोट का उपयोग करके एक पायलट परियोजना चलाने की आवश्यकता पर भी बल दिया, जिसकी शुरुआत एक राज्य से की जानी चाहिए ताकि इसके परिणाम देखे जा सकें और देश के अन्य हिस्सों में भी इसे लागू किया जा सके.

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