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महिला किसान दिवस पर कृषि मंत्री ने प्रगतिशील किसानों को किया सम्मानित

Agriculture Minister honors progressive farmers on Women Farmers' Day

पटना 15:  अंतरराष्ट्रीय महिला किसान वर्ष-2026 और महिला किसान दिवस-2026 के अवसर पर पटना स्थित बिहार कृषि प्रबंधन एवं प्रसार प्रशिक्षण संस्थान (बामेती) में राज्यस्तरीय कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में बिहार के कृषि मंत्री विजय कुमार सिन्हा ने प्रगतिशील किसानों को सम्मानित किया। इस अवसर पर राज्य के विभिन्न जिलों से पहुंचीं महिला किसानों ने अपने कृषि उत्पादों की प्रदर्शनी लगाई और खेती-किसानी से जुड़े अपने अनुभव साझा किए। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य कृषि क्षेत्र में महिलाओं के योगदान को पहचान दिलाना, उनकी मेहनत और कौशल को प्रोत्साहित करना तथा खेती और कृषि आधारित गतिविधियों में उनकी भागीदारी को मजबूत करना था। आयोजन के माध्यम से महिला किसानों की उपलब्धियों को सामने लाने के साथ ही उन्हें आत्मनिर्भर बनाने और कृषि क्षेत्र में नए अवसरों से जोड़ने पर जोर दिया गया।

कृषि विकास में महिलाओं की भागीदारी पर जोर

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कृषि मंत्री विजय कुमार सिन्हा ने कहा कि कृषि क्षेत्र में महिलाओं की समान और सक्रिय भागीदारी से ही बिहार और देश समृद्धि की दिशा में आगे बढ़ सकते हैं। उन्होंने कहा कि महिलाओं के कौशल, हुनर और मेहनत को प्रोत्साहित करना आवश्यक है, ताकि वे कृषि क्षेत्र में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका को और मजबूत कर सकें। कृषि मंत्री ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान और राज्य सरकार की सोच का उल्लेख करते हुए कहा कि महिलाओं को सशक्त बनाना और उनकी क्षमताओं को आगे बढ़ाना जरूरी है। उन्होंने महिला किसानों के योगदान की सराहना करते हुए कहा कि महिलाएं अन्नपूर्णा के समान हैं। उनकी मेहनत, समर्पण और योगदान विकसित भारत तथा विकसित बिहार के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं। उन्होंने कृषि विभाग की विभिन्न योजनाओं और कार्यक्रमों में महिलाओं की भागीदारी बढ़ाने पर भी जोर दिया। उनके अनुसार, महिलाओं को कृषि से संबंधित गतिविधियों में अधिक अवसर मिलने से उनकी आर्थिक स्थिति मजबूत हो सकती है और ग्रामीण अर्थव्यवस्था के विकास को भी गति मिल सकती है।

प्रदर्शनी में दिखे महिला किसानों के उत्पाद और नवाचार

कार्यक्रम के दौरान बिहार के विभिन्न जिलों से आई महिला किसानों ने अपने कृषि उत्पादों की प्रदर्शनी लगाई। प्रदर्शनी में महिलाओं ने अपने उत्पादों के साथ कृषि और कृषि आधारित गतिविधियों में किए जा रहे कार्यों तथा नवाचारों को प्रस्तुत किया। इस आयोजन ने महिला किसानों को अपने अनुभव, कार्यशैली और उपलब्धियों को साझा करने का मंच प्रदान किया। प्रदर्शनी के माध्यम से यह दिखाने का प्रयास किया गया कि महिलाएं खेती-किसानी के साथ-साथ कृषि से जुड़ी अन्य गतिविधियों में भी महत्वपूर्ण योगदान दे रही हैं। उनके अनुभवों से दूसरी महिला किसानों को भी नई जानकारी और प्रेरणा मिल सकती है। कार्यक्रम में शामिल महिला किसानों ने डीडी न्यूज से बातचीत के दौरान अपने अनुभव साझा किए। उन्होंने कहा कि वे कृषि और इससे जुड़ी गतिविधियों के माध्यम से आत्मनिर्भर बनना चाहती हैं। साथ ही, वे अपने काम के जरिए राज्य और देश के विकास में योगदान देने की इच्छा रखती हैं।

महिला किसानों को आत्मनिर्भर बनाने पर जोर

राज्यस्तरीय कार्यक्रम के माध्यम से महिला किसानों की उपलब्धियों को पहचान देने और उनके बीच अनुभवों के आदान-प्रदान को प्रोत्साहित करने का संदेश दिया गया। इसके साथ ही महिलाओं को कृषि आधारित आजीविका के अधिक अवसर उपलब्ध कराने और उन्हें सरकारी योजनाओं से जोड़ने की आवश्यकता पर भी बल दिया गया। कृषि क्षेत्र में महिलाओं की भागीदारी केवल खेती तक सीमित नहीं है, बल्कि वे कृषि उत्पादों के प्रसंस्करण, उनके मूल्य संवर्धन और अन्य संबंधित गतिविधियों में भी योगदान दे सकती हैं। ऐसे में उनके कौशल विकास और नवाचारों को बढ़ावा देना ग्रामीण क्षेत्रों में आर्थिक आत्मनिर्भरता के अवसर बढ़ाने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जाता है। महिला किसान दिवस के अवसर पर आयोजित इस कार्यक्रम ने कृषि क्षेत्र में महिलाओं के योगदान, उनकी मेहनत और उनकी उपलब्धियों को रेखांकित किया।

कार्यक्रम के जरिए महिला किसानों को प्रोत्साहित करने, उनके अनुभवों को साझा करने और कृषि क्षेत्र में उनकी भूमिका को और मजबूत बनाने पर जोर दिया गया।

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