Trending

DGP राजीव कुमार शर्मा का संदेश, संवेदनशील बने राजस्थान पुलिस

Message from DGP Rajiv Kumar Sharma: Rajasthan Police should be sensitive.

जयपुर:  राजस्थान पुलिस के महानिदेशक (DGP) राजीव कुमार शर्मा ने पुलिसकर्मियों से आमजन के प्रति संवेदनशील और नागरिक-केंद्रित व्यवहार अपनाने की अपील की है। उन्होंने कहा कि पुलिस की कार्यप्रणाली ऐसी होनी चाहिए, जिससे आम नागरिकों का भरोसा मजबूत हो और अपनी समस्या लेकर पुलिस के पास आने वाले प्रत्येक व्यक्ति की बात गंभीरता से सुनी जाए। उन्होंने जोर दिया कि पुलिसकर्मियों को कानून का पालन सुनिश्चित करने के साथ पीड़ितों को राहत दिलाने के लिए भी प्रयास करना चाहिए। DGP ने कहा कि पुलिस की छवि केवल कानून-व्यवस्था बनाए रखने तक सीमित नहीं है, बल्कि नागरिकों के साथ उसके व्यवहार से भी तय होती है। प्रत्येक पुलिसकर्मी की जिम्मेदारी है कि वह आमजन की समस्याओं को समझे और कानून के दायरे में रहते हुए उनके समाधान की दिशा में काम करे। उन्होंने राजस्थान पुलिस की संवेदनशील छवि बनाए रखने के लिए सभी पुलिसकर्मियों से अपनी भूमिका जिम्मेदारी के साथ निभाने का आह्वान किया।

विचार-मंथन से तैयार किया गया विशेष प्रशिक्षण मॉड्यूल

राजीव कुमार शर्मा ने बताया कि पुलिसकर्मियों में संवेदनशीलता और व्यवहार संबंधी सुधार को बढ़ावा देने के लिए एक विशेष मॉड्यूल तैयार किया गया है। यह पहल पारंपरिक औपचारिक प्रशिक्षण से अलग है और इसे विचार-मंथन के माध्यम से विकसित किया गया है। इसमें पुलिसिंग के साथ-साथ पुलिस की छवि, नागरिकों के साथ संवाद और व्यवहार को बेहतर बनाने जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चा की जा रही है। उन्होंने प्रतिभागियों से इन विषयों पर गंभीरता से विचार करने और अपने अनुभव साझा करने का आग्रह किया। उनका कहना था कि पुलिसकर्मियों के अनुभवों और व्यावहारिक सुझावों से कार्यप्रणाली को अधिक प्रभावी बनाने में मदद मिल सकती है। इस पहल का उद्देश्य पुलिसकर्मियों को अपने व्यवहार और नागरिकों के प्रति जिम्मेदारियों पर विचार करने का अवसर देना है।

आमजन की समस्याएं ध्यान से सुनना पुलिस की जिम्मेदारी

DGP ने कहा कि पुलिसकर्मियों को लंबे समय तक ड्यूटी करनी पड़ती है। उन्हें कई बार कम समय में निर्णय लेने होते हैं और लगातार बदलती परिस्थितियों में काम करना पड़ता है। इन चुनौतियों के बावजूद आम नागरिकों की समस्याओं को सुनना और उनका समाधान तलाशना पुलिस की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि जब कोई व्यक्ति अपनी परेशानी लेकर पुलिस थाने या किसी पुलिस अधिकारी के पास पहुंचता है, तो उसकी बात को संवेदनशीलता और गंभीरता से सुना जाना चाहिए। शिकायतकर्ता की परिस्थिति को समझते हुए उचित कानूनी प्रक्रिया अपनानी चाहिए और पीड़ित को राहत दिलाने के लिए आवश्यक कदम उठाने चाहिए। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि नागरिकों के साथ सम्मानजनक व्यवहार पुलिस और जनता के बीच विश्वास कायम करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। पुलिसकर्मियों को यह समझना चाहिए कि किसी परेशानी में मदद मांगने वाले व्यक्ति के लिए उसकी शिकायत का समाधान बेहद महत्वपूर्ण हो सकता है।

संवेदनशीलता का अर्थ कानून में ढिलाई नहीं

राजीव कुमार शर्मा ने स्पष्ट किया कि संवेदनशीलता का अर्थ कानून के पालन में ढिलाई बरतना नहीं है। इसका अर्थ है कि कानून के दायरे में रहते हुए पीड़ित की मदद करने और उसे उचित राहत दिलाने की मंशा से काम किया जाए। पुलिस को कानून का पालन सुनिश्चित करने के साथ नागरिकों की जरूरतों, परिस्थितियों और समस्याओं को भी समझना चाहिए। उन्होंने कहा कि कानून के अनुसार कार्रवाई करना और आमजन के प्रति मानवीय दृष्टिकोण रखना एक-दूसरे के विरोधी नहीं हैं। पुलिसकर्मी निष्पक्ष कानूनी प्रक्रिया अपनाते हुए भी नागरिकों के साथ सहयोगपूर्ण और सम्मानजनक व्यवहार कर सकते हैं।

नागरिक-केंद्रित पुलिसिंग पर जोर

DGP ने विश्वास जताया कि विचार-मंथन और प्रशिक्षण की यह पहल राजस्थान पुलिस में संवेदनशील, जिम्मेदार और नागरिक-केंद्रित पुलिसिंग को मजबूत करने में सहायक होगी। उन्होंने पुलिसकर्मियों से अपेक्षा की कि वे अपनी ड्यूटी के दौरान जनता की समस्याओं को प्राथमिकता दें और प्रत्येक मामले में कानून के अनुरूप समाधान खोजने का प्रयास करें। राजीव कुमार शर्मा के संदेश का मुख्य उद्देश्य पुलिस की कार्यप्रणाली में संवेदनशीलता, जवाबदेही और नागरिकों के प्रति सम्मान को महत्व देना है।

उनके अनुसार, पुलिस का व्यवहार ऐसा होना चाहिए कि जरूरत के समय आम नागरिक बिना किसी संकोच के अपनी समस्या लेकर उसके पास आ सकें और उन्हें उचित कानूनी सहायता मिलने की उम्मीद रहे।

Show More

Related Articles

Leave a Reply

Back to top button

Adblock Detected

Please consider supporting us by disabling your ad blocker