वाराणसी में स्वच्छता मित्रों का सम्मान, 16 हजार मानदेय पर जोर
Sanitation workers honored in Varanasi; emphasis placed on a 16,000-rupee honorarium

लखनऊ: उत्तर प्रदेश के वाराणसी में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने स्वच्छता मित्र सम्मान समारोह में सफाईकर्मियों को सम्मानित किया। पिपलानी कटरा स्थित सरोजा पैलेस में आयोजित इस कार्यक्रम का आयोजन शहर दक्षिणी के विधायक नीलकंठ तिवारी की ओर से किया गया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने स्वच्छता कर्मियों को अंगवस्त्र और माला पहनाकर उनके योगदान की सराहना की। साथ ही उन्होंने कहा कि स्वच्छता मित्रों को उनके काम के अनुरूप सम्मान और उचित मानदेय मिलना चाहिए। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपने संबोधन में कहा कि जब शहर के अधिकांश लोग सो रहे होते हैं, तब स्वच्छता कर्मी गलियों, सड़कों और सार्वजनिक स्थानों की सफाई में जुटे रहते हैं। वे सुबह से ही शहर को स्वच्छ रखने के लिए मेहनत करते हैं। उनके इसी योगदान के कारण शहर की साफ-सफाई और व्यवस्था बनाए रखने में मदद मिलती है। मुख्यमंत्री ने कहा कि स्वच्छता कर्मियों का योगदान अतुलनीय है और उनके काम का सम्मान किया जाना चाहिए।
स्वच्छता कर्मियों के मानदेय पर मुख्यमंत्री का जोर
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने स्वच्छता कर्मियों को मिलने वाले मानदेय का मुद्दा भी उठाया। उन्होंने स्पष्ट कहा कि स्वच्छता मित्रों के मानदेय में कटौती करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। मुख्यमंत्री के अनुसार, किसी भी स्वच्छता मित्र को प्रतिमाह 16 हजार रुपये से कम मानदेय नहीं मिलना चाहिए। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि स्वच्छता कर्मियों को उनके काम का उचित भुगतान मिलना जरूरी है। सफाईकर्मी शहर को साफ रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं, इसलिए उनके आर्थिक हितों का ध्यान रखना भी आवश्यक है। मानदेय में कटौती किए जाने पर कार्रवाई की चेतावनी देकर मुख्यमंत्री ने इस विषय को गंभीरता से लेने का संदेश दिया।
सम्मान पाकर स्वच्छता कर्मियों ने जताई खुशी
समारोह में सम्मानित होने वाले स्वच्छता कर्मियों ने मुख्यमंत्री से सम्मान मिलने पर खुशी जाहिर की। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री के हाथों सम्मान पाकर उन्हें अच्छा लगा और उनके काम को पहचान मिलने से उत्साह बढ़ा है। हालांकि, स्वच्छता कर्मियों ने मानदेय को लेकर अपनी अपेक्षा भी जाहिर की। उन्होंने कहा कि प्रतिमाह 16 हजार रुपये मानदेय देने की घोषणा का वास्तविक लाभ जब उन्हें मिलने लगेगा, तब उनकी खुशी और बढ़ जाएगी। उनके अनुसार, सम्मान के साथ-साथ उचित मानदेय मिलना भी उनके लिए महत्वपूर्ण है।
शहर की स्वच्छता में अहम भूमिका
वाराणसी जैसे प्रमुख धार्मिक और सांस्कृतिक शहर में साफ-सफाई की व्यवस्था बनाए रखने में स्वच्छता कर्मियों की भूमिका महत्वपूर्ण है। वे सड़कों, गलियों और अन्य सार्वजनिक स्थानों की सफाई करके शहर को स्वच्छ रखने में योगदान देते हैं। कार्यक्रम के माध्यम से उनके कार्यों को सम्मान देने और उनके मानदेय से जुड़े मुद्दे को सामने लाने का प्रयास किया गया। इस अवसर पर विधायक नीलकंठ तिवारी सहित अन्य लोग मौजूद रहे। कार्यक्रम में स्वच्छता कर्मियों के योगदान की सराहना की गई और उनके मानदेय में कटौती के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने की बात कही गई।
अब स्वच्छता कर्मियों की नजर इस बात पर रहेगी कि प्रतिमाह 16 हजार रुपये मानदेय से जुड़ी बात का लाभ उन्हें कब और किस प्रकार मिलता है। कर्मियों ने उम्मीद जताई कि सम्मान के साथ उनके आर्थिक हितों का भी ध्यान रखा जाएगा।



