नासिक के सप्तश्रृंगी किले में FDA का खाद्य सुरक्षा अभियान
FDA takes major action against food establishments at Saptashrungi Fort; 1,408 kg of sweets destroyed.
नासिक। नवरात्रि पर्व के दौरान नासिक जिले के प्रसिद्ध श्री सप्तश्रृंगी किले में दर्शन के लिए पहुंचने वाले लाखों श्रद्धालुओं को सुरक्षित और गुणवत्तापूर्ण खाद्य पदार्थ उपलब्ध कराने के उद्देश्य से खाद्य एवं औषधि प्रशासन (Food and Drug Administration-FDA) ने व्यापक जांच अभियान चलाया। नासिक डिवीजन के खाद्य एवं औषधि प्रशासन की टीम ने किले और आसपास के विभिन्न खाद्य प्रतिष्ठानों, दुकानों तथा खाद्य पदार्थों की बिक्री से जुड़े स्थानों का निरीक्षण किया।
13 खाद्य प्रतिष्ठानों के खिलाफ कार्रवाई
प्रशासन की ओर से चलाए गए इस विशेष अभियान के दौरान 13 स्थानों पर कार्रवाई की गई। अधिकारियों ने खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता, उनकी पैकेजिंग, भंडारण व्यवस्था, लेबलिंग और स्वच्छता संबंधी मानकों की जांच की। जांच के दौरान खाद्य पदार्थों के 18 नमूने परीक्षण के लिए एकत्र किए गए हैं। इन नमूनों को प्रयोगशाला जांच के लिए भेजा गया है, ताकि खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता और सुरक्षा मानकों की पुष्टि की जा सके।
1,408 किलो मिठाई नष्ट
जांच अभियान के दौरान खाद्य सुरक्षा से जुड़े मानकों का उल्लंघन पाए जाने पर बड़ी मात्रा में मिठाई को नष्ट किया गया। अधिकारियों के अनुसार, करीब 1,408 किलोग्राम मिठाइयां, जिनमें पाम ऑयल से तैयार मावा/मिठाई जैसे खाद्य पदार्थ शामिल थे, असुरक्षित परिस्थितियों में रखी हुई मिलीं। इन खाद्य पदार्थों पर आवश्यक लेबलिंग भी नहीं की गई थी। खाद्य सुरक्षा मानकों के अनुरूप नहीं पाए जाने और उपभोक्ताओं के स्वास्थ्य के लिए संभावित जोखिम को देखते हुए संबंधित मिठाइयों को मौके पर ही नष्ट कर दिया गया। प्रशासन की इस कार्रवाई का उद्देश्य श्रद्धालुओं तक असुरक्षित या मानकों के विपरीत खाद्य सामग्री पहुंचने से रोकना है।
नवरात्रि में बढ़ जाती है श्रद्धालुओं की संख्या
श्री सप्तश्रृंगी किला नासिक जिले के प्रमुख धार्मिक स्थलों में शामिल है। नवरात्रि के दौरान यहां बड़ी संख्या में श्रद्धालु दर्शन के लिए पहुंचते हैं। इस दौरान खाद्य पदार्थों की मांग भी सामान्य दिनों की तुलना में काफी बढ़ जाती है। ऐसे में खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता, स्वच्छता और सुरक्षित भंडारण सुनिश्चित करना प्रशासन के लिए महत्वपूर्ण चुनौती बन जाता है। इसी को ध्यान में रखते हुए खाद्य एवं औषधि प्रशासन ने खाद्य दुकानों और प्रतिष्ठानों की जांच तेज की है। अभियान के तहत यह भी देखा जा रहा है कि खाद्य पदार्थ निर्धारित तापमान और स्वच्छ परिस्थितियों में रखे गए हैं या नहीं, पैकेट पर आवश्यक जानकारी दर्ज है या नहीं और खाद्य सामग्री में किसी प्रकार की मिलावट अथवा गुणवत्ता संबंधी कमी तो नहीं है।
श्रद्धालुओं के स्वास्थ्य की सुरक्षा पर जोर
खाद्य एवं औषधि प्रशासन की इस कार्रवाई को नवरात्रि के दौरान श्रद्धालुओं के स्वास्थ्य और खाद्य सुरक्षा सुनिश्चित करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। धार्मिक स्थलों पर त्योहारों के दौरान बड़ी संख्या में लोगों के पहुंचने के कारण खाद्य सुरक्षा नियमों का पालन और भी महत्वपूर्ण हो जाता है। प्रशासन की ओर से खाद्य विक्रेताओं और दुकानदारों से खाद्य सुरक्षा मानकों का पालन करने, खाद्य पदार्थों को स्वच्छ और सुरक्षित स्थान पर रखने तथा पैकेज्ड खाद्य पदार्थों पर अनिवार्य लेबलिंग सुनिश्चित करने की अपील की गई है।
अधिकारियों द्वारा लिए गए 18 खाद्य नमूनों की प्रयोगशाला रिपोर्ट आने के बाद खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता को लेकर आगे की कार्रवाई की स्थिति स्पष्ट हो सकेगी। फिलहाल, 13 स्थानों पर की गई कार्रवाई और 1,408 किलो मिठाई को नष्ट किए जाने की कार्रवाई से यह स्पष्ट है कि नवरात्रि के दौरान श्रद्धालुओं को सुरक्षित खाद्य पदार्थ उपलब्ध कराने के लिए प्रशासन निगरानी और जांच अभियान को गंभीरता से आगे बढ़ा रहा है।



