
मुंबई के खार में गोयनका गुरुजी और माताजी की स्मृति में संघदान व परित्त पाठ का आयोजन
Sanghadan and Paritta chanting organized in memory of Goenka Guruji and Mataji in Khar, Mumbai.
महाराष्ट्र: मुंबई, मुंबई के खार में बुद्ध शासन संवर्धक संघ की ओर से विपश्यना आचार्य सत्यनारायण गोयनका गुरुजी के 13वें और माताजी इलायचीदेवी के 10वें स्मृति दिवस के अवसर पर संघदान एवं परित्त पाठ कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में धम्म, ध्यान, करुणा, दान और नैतिक आचरण के महत्व पर प्रकाश डाला गया। आयोजन में गोयनका गुरुजी के परिवार के सदस्यों, कई धम्मगुरुओं और गणमान्य व्यक्तियों ने भाग लिया। कार्यक्रम के दौरान आयोजक प्रकाश पवार ने विपश्यना आचार्य सत्यनारायण गोयनका गुरुजी के योगदान को याद करते हुए बताया कि उन्होंने बर्मा (म्यांमार) से विपश्यना विद्या को भारत में पुनः स्थापित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उनके प्रयासों से विपश्यना साधना को भारत में व्यापक पहचान मिली और अनेक लोगों को इस ध्यान पद्धति से जुड़ने का अवसर प्राप्त हुआ। प्रकाश पवार ने यह भी बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी विपश्यना साधना का लाभ लिया है।
इस अवसर पर भंते सरणंकर महाथेरो ने उपस्थित लोगों को धम्मदेशना दी। उन्होंने अपने संबोधन में जीवन में शील अर्थात नैतिक आचरण के पालन को महत्वपूर्ण बताया। उन्होंने कहा कि व्यक्ति को अपने दैनिक जीवन में अच्छे आचरण, करुणा और दान की भावना को अपनाना चाहिए। नैतिक मूल्यों का पालन करने और दूसरों के प्रति संवेदनशील रहने से समाज में सद्भाव और मानवीय मूल्यों को बढ़ावा मिलता है। उन्होंने धम्म के सिद्धांतों को जीवन में उतारने और अपने व्यवहार में सकारात्मक बदलाव लाने के महत्व पर भी जोर दिया। गोयनका गुरुजी और माताजी इलायचीदेवी के स्मृति दिवस के अवसर पर आयोजित इस कार्यक्रम में संघदान और परित्त पाठ के माध्यम से श्रद्धा व्यक्त की गई। कार्यक्रम में उपस्थित धम्मगुरुओं और अन्य लोगों ने दोनों के योगदान को स्मरण किया। इस आयोजन का उद्देश्य धम्म की शिक्षाओं, ध्यान साधना और सामाजिक सद्भाव के संदेश को आगे बढ़ाना रहा।
भंतेगण के लिए किस प्रकार के स्वास्थ्य शिविर का आयोजन किया गया
कार्यक्रम के अंतर्गत सेवा और स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता को ध्यान में रखते हुए भंतेगण के लिए स्वास्थ्य जांच शिविर तथा निःशुल्क औषधि उपचार शिविर का भी आयोजन किया गया। यह शिविर डॉ. सोनाली घाडगे की उपस्थिति में आयोजित हुआ। इसके माध्यम से भंतेगण को स्वास्थ्य जांच और आवश्यक चिकित्सा संबंधी सहायता उपलब्ध कराने की पहल की गई। इस प्रकार मुंबई के खार में आयोजित यह कार्यक्रम स्मरण, धम्मदेशना, संघदान और स्वास्थ्य सेवा का संगम रहा। कार्यक्रम में शामिल लोगों ने धम्म की शिक्षाओं, करुणा, दान और नैतिक जीवन के महत्व को समझने तथा इन मूल्यों को अपने जीवन में अपनाने का संदेश प्राप्त किया।



