राहुल गांधी-खरगे समेत विपक्ष का सुप्रीम कोर्ट तक मार्च
Opposition including Rahul Gandhi-Kharge march to Supreme Court

नई दिल्ली: कांग्रेस नेता राहुल गांधी और पार्टी अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे समेत कई विपक्षी दलों ने चुनाव प्रक्रिया में सुधार की मांग को लेकर सुप्रीम कोर्ट तक मार्च करने का ऐलान किया है। विपक्षी नेताओं ने मुख्य न्यायाधीश (CJI) सूर्यकांत से मुलाकात के लिए समय मांगा था, ताकि वे अपनी मांगों से संबंधित ज्ञापन सौंप सकें। हालांकि, सूत्रों के मुताबिक, मुख्य न्यायाधीश ने मुलाकात के लिए समय देने से इनकार कर दिया। इसके बाद विपक्षी दलों ने सुप्रीम कोर्ट तक मार्च करने का फैसला किया।
मुख्य न्यायाधीश से मुलाकात की मांगी थी अनुमति
जानकारी के मुताबिक, राहुल गांधी और मल्लिकार्जुन खरगे ने मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत से शाम चार बजे से पांच बजे के बीच मुलाकात का समय मांगा था। विपक्षी नेता इस दौरान ज्ञापन सौंपकर चुनाव प्रक्रिया से जुड़े मुद्दों पर अपनी मांगें रखना चाहते थे।
हालांकि, सूत्रों के अनुसार, CJI सूर्यकांत ने मुलाकात से इनकार करते हुए कहा कि इस तरह के मामले पहले से ही सुप्रीम कोर्ट में विचाराधीन हैं। उन्होंने राहुल गांधी को अपनी बात रखने के लिए न्यायिक प्रक्रिया के तहत याचिका दाखिल करने का विकल्प दिया।
ज्ञापन में तीन प्रमुख मांगें
विपक्षी दलों की ओर से तैयार किए गए ज्ञापन में चुनाव प्रक्रिया को लेकर कई महत्वपूर्ण मांगें शामिल हैं। इनमें मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग, मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) पर रोक लगाने और चुनाव बैलेट पेपर के जरिए कराने की मांग प्रमुख हैं।
विपक्षी दलों का कहना है कि चुनाव प्रक्रिया और मतदाता सूची से जुड़े मुद्दों पर गंभीरता से विचार किया जाना चाहिए। इन्हीं मांगों को लेकर विपक्ष ने अपनी बात सुप्रीम कोर्ट तक पहुंचाने का फैसला किया है।
‘चलो दिल्ली–मार्च फॉर डेमोक्रेसी’ नाम दिया
कांग्रेस ने इस मार्च को ‘चलो दिल्ली–मार्च फॉर डेमोक्रेसी’ नाम दिया है। इस पहल के जरिए विपक्षी दल चुनावी प्रक्रिया से जुड़े अपने मुद्दों को सामने लाना चाहते हैं। राहुल गांधी और मल्लिकार्जुन खरगे समेत विपक्षी नेताओं की इस घोषणा को चुनाव सुधारों के मुद्दे पर विपक्ष की सक्रियता के तौर पर देखा जा रहा है।
इससे पहले भी विपक्षी दलों ने चुनाव प्रक्रिया से संबंधित अपनी चिंताओं को लेकर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु को ज्ञापन सौंपा था। अब मुख्य न्यायाधीश से मुलाकात का समय नहीं मिलने के बाद विपक्ष ने सुप्रीम कोर्ट तक मार्च करने की घोषणा की है।
फिलहाल, विपक्ष की प्रमुख मांगों में चुनाव आयोग की जवाबदेही, SIR प्रक्रिया पर रोक और बैलेट पेपर से मतदान कराने का मुद्दा शामिल है। इस घटनाक्रम के बीच चुनाव प्रक्रिया और उससे जुड़े कानूनी पहलुओं पर राजनीतिक बहस तेज होने की संभावना है।



