
AI के दौर में मराठी की नई उड़ान, CM फडणवीस ने तकनीक में भाषा के बढ़ते इस्तेमाल पर दिया जोर
Marathi takes flight in the AI era CM Fadnavis emphasizes the growing use of the language in technology.
मुंबई: महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) के तेजी से बढ़ते क्षेत्र में मराठी भाषा के अधिक से अधिक उपयोग की आवश्यकता पर जोर दिया है। उन्होंने कहा कि डिजिटल प्लेटफॉर्म पर मराठी भाषा में ज्ञान, सूचना और अन्य उपयोगी संसाधनों की व्यापक उपलब्धता सुनिश्चित की जानी चाहिए, ताकि तकनीकी विकास में मराठी भाषा की प्रभावी भागीदारी बनी रहे। फडणवीस मुंबई में ‘शास्त्रीय मराठी भाषा सम्मान दिवस’ के अवसर पर आयोजित भाषा सप्ताह के उद्घाटन समारोह को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि आधुनिक तकनीक और AI के दौर में भाषाओं के संरक्षण और विकास के लिए डिजिटल माध्यमों का प्रभावी इस्तेमाल जरूरी है।
मुख्यमंत्री ने ओटीटी प्लेटफॉर्म और सोशल मीडिया के लिए बड़े पैमाने पर उच्च गुणवत्ता वाली मराठी सामग्री तैयार करने की आवश्यकता पर भी बल दिया। उन्होंने कहा कि मराठी भाषा की समृद्ध साहित्यिक और सांस्कृतिक विरासत को नई पीढ़ी तक पहुंचाने के लिए डिजिटल माध्यम महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार मराठी भाषा और संस्कृति के संरक्षण, संवर्धन और प्रसार के लिए लगातार सहयोग करती रहेगी। मुख्यमंत्री ने मराठी शब्दावली को और समृद्ध करने की जरूरत पर भी जोर दिया।
फडणवीस के अनुसार, राज्य सरकार द्वारा प्रकाशित मराठी शब्दकोश में वर्तमान में करीब तीन लाख शब्द शामिल हैं। उन्होंने भविष्य के संस्करणों में शब्दावली का विस्तार कर इसे करीब 13 लाख शब्दों तक पहुंचाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि मराठी की विभिन्न बोलियों, लोक परंपराओं और विशिष्ट भाषाई विशेषताओं को दर्शाने वाले साहित्य का संरक्षण भी समान रूप से महत्वपूर्ण है। इस अवसर पर उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने लंदन में ‘छत्रपति शिवाजी महाराज वैश्विक मराठी केंद्र’ स्थापित करने की घोषणा की। उन्होंने कहा कि यह केंद्र विदेशों में मराठी भाषा और संस्कृति के प्रचार-प्रसार में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।
उन्होंने यह भी घोषणा की कि अगला विश्व मराठी साहित्य सम्मेलन आयोजित किया जाएगा। इससे वैश्विक स्तर पर मराठी साहित्य, भाषा और संस्कृति से जुड़े लोगों को एक मंच मिलने की उम्मीद है। मराठी भाषा मंत्री उदय सामंत ने बताया कि महाराष्ट्र में बोली जाने वाली विभिन्न बोलियों को दस्तावेजीकृत और संरक्षित करने के उद्देश्य से 100 शब्दकोशों के संकलन का काम चल रहा है। उन्होंने कहा कि इन शब्दकोशों में राज्य के अलग-अलग क्षेत्रों में प्रचलित बोलियों और स्थानीय शब्दावली को शामिल किया जाएगा।
सामंत ने यह भी बताया कि राज्य में नौ स्थानों पर ‘मराठी कौशल विकास केंद्र’ स्थापित करने का काम जारी है। इन केंद्रों के माध्यम से मराठी भाषा से जुड़े कौशल और रोजगार के अवसरों को बढ़ावा देने का प्रयास किया जा रहा है। सरकार की इन पहलों का उद्देश्य मराठी भाषा को केवल साहित्य और सांस्कृतिक गतिविधियों तक सीमित रखने के बजाय शिक्षा, तकनीक, AI, डिजिटल मीडिया और कौशल विकास जैसे आधुनिक क्षेत्रों में भी इसकी उपयोगिता और पहुंच बढ़ाना है।



