हरसूद में रानी दुर्गावती जयंती का राज्य स्तरीय आयोजन, 52 गढ़ों के राजवंशज होंगे सम्मानित
State-level celebration of Rani Durgavati Jayanti in Harsud descendants of the 52 Garhs fort-kingdoms to be honored.

मध्य प्रदेश, खंडवा: रानी दुर्गावती की जयंती के अवसर पर आज खंडवा जिले के हरसूद में राज्य स्तरीय कार्यक्रम का आयोजन किया जा रहा है। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव शामिल होंगे। आयोजन के दौरान गोंड राजवंश की ऐतिहासिक विरासत, रानी दुर्गावती के शौर्य, स्वाभिमान और बलिदान को याद किया जाएगा। इस अवसर पर गोंड राजवंश से जुड़े 52 गढ़ों के राजवंशजों का सम्मान भी किया जाएगा। कार्यक्रम को लेकर हरसूद में विशेष तैयारियां की गई हैं। आयोजन के दौरान गाजे-बाजे और बग्घियों के साथ भव्य शोभायात्रा निकाली जाएगी। शोभायात्रा में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव भी शामिल होंगे। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में जनजातीय समाज के लोगों सहित नागरिकों के शामिल होने की संभावना है।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव कार्यक्रम के दौरान रिमोट के माध्यम से विभिन्न विकास कार्यों का भूमिपूजन एवं लोकार्पण करेंगे। इसके साथ ही तेंदूपत्ता बोनस और काष्ठ लाभांश राशि का वितरण किया जाएगा। विभिन्न हितग्राहीमूलक योजनाओं के लाभार्थियों को भी इस अवसर पर हितलाभ प्रदान किए जाएंगे। स्कूली सामग्री सहित अन्य सुविधाएं भी पात्र हितग्राहियों को वितरित की जाएंगी। कार्यक्रम को मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव संबोधित भी करेंगे। इस अवसर पर जनजातीय कार्य विभाग के राज्यमंत्री दुर्गादास उइके, प्रदेश के जनजातीय कार्य मंत्री डॉ. कुंवर विजय शाह सहित अन्य जनप्रतिनिधि मौजूद रहेंगे। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में नागरिकों के पहुंचने की उम्मीद है।
रानी दुर्गावती के शौर्य और बलिदान को किया जाएगा याद
रानी दुर्गावती का जन्म 5 अक्टूबर 1524 को हुआ था। उन्होंने गोंडवाना की सत्ता संभालने के बाद अपने शासनकाल में प्रशासन और सैन्य व्यवस्था को मजबूत किया। उन्होंने अपने राज्य की स्वतंत्रता और सम्मान की रक्षा के लिए कई चुनौतियों का सामना किया। वर्ष 1564 में मुगल सेना के आक्रमण के दौरान रानी दुर्गावती ने अदम्य साहस के साथ मुकाबला किया। युद्ध के दौरान उन्होंने वीरगति प्राप्त की। उनका जीवन साहस, स्वाभिमान, नेतृत्व और बलिदान का प्रतीक माना जाता है।
रानी दुर्गावती का शौर्य और बलिदान आज भी जनजातीय समाज सहित पूरे देश के लिए प्रेरणा का स्रोत है। उनकी जयंती पर हरसूद में आयोजित राज्य स्तरीय कार्यक्रम के जरिए गोंडवाना की गौरवशाली ऐतिहासिक विरासत को सम्मान देने के साथ ही नई पीढ़ी को रानी दुर्गावती के योगदान से परिचित कराने का प्रयास किया जा रहा है।
कार्यक्रम में 52 गढ़ों के राजवंशजों का सम्मान इस आयोजन का प्रमुख आकर्षण रहेगा। इसके जरिए गोंड राजवंश की ऐतिहासिक परंपरा और विरासत से जुड़े परिवारों को सम्मानित किया जाएगा।
रानी दुर्गावती जयंती पर आयोजित यह राज्य स्तरीय कार्यक्रम ऐतिहासिक विरासत, जनजातीय गौरव और विकास कार्यों को एक साथ जोड़ने वाला महत्वपूर्ण आयोजन माना जा रहा है।



