PM मोदी से मिलेंगे स्विस राष्ट्रपति गाइ पार्मेलिन, द्विपक्षीय संबंधों पर होगी वार्ता
Swiss President Guy Parmelin to meet PM Modi; talks to be held on bilateral relations.
नई दिल्ली। स्विट्जरलैंड के राष्ट्रपति गाइ पार्मेलिन तीन दिवसीय आधिकारिक भारत यात्रा पर कल नई दिल्ली पहुंचेंगे। राष्ट्रपति पार्मेलिन के साथ स्विट्जरलैंड के वरिष्ठ अधिकारियों के अलावा कारोबारी जगत का एक उच्चस्तरीय प्रतिनिधिमंडल भी भारत आएगा। उनकी इस यात्रा को भारत और स्विट्जरलैंड के बीच लगातार मजबूत होते द्विपक्षीय संबंधों की दृष्टि से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। भारत यात्रा के दौरान राष्ट्रपति गाइ पार्मेलिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ व्यापक द्विपक्षीय वार्ता करेंगे। दोनों नेता विभिन्न क्षेत्रों में दोनों देशों के बीच सहयोग में हुई प्रगति की समीक्षा करेंगे और भविष्य में सहयोग को और मजबूत करने के उपायों पर चर्चा करेंगे।
व्यापार और निवेश पर विशेष जोर
प्रधानमंत्री मोदी और राष्ट्रपति पार्मेलिन की बातचीत में व्यापार और निवेश प्रमुख मुद्दों में शामिल रहेंगे। दोनों देशों के बीच आर्थिक संबंधों को और विस्तार देने, कारोबारी अवसर बढ़ाने तथा निवेश को प्रोत्साहित करने से जुड़े विषयों पर विचार-विमर्श होने की संभावना है। इसके अलावा विज्ञान, प्रौद्योगिकी और नवाचार के क्षेत्र में सहयोग को नई दिशा देने पर भी चर्चा होगी। भारत और स्विट्जरलैंड दोनों ही उन्नत तकनीक, अनुसंधान और नवाचार के क्षेत्र में महत्वपूर्ण क्षमता रखते हैं। ऐसे में दोनों देशों के बीच तकनीकी साझेदारी को और मजबूत करना इस यात्रा का अहम हिस्सा माना जा रहा है।
मोबिलिटी और लोगों के बीच संपर्क भी एजेंडे में
दोनों पक्ष मोबिलिटी, संस्कृति और लोगों के बीच संपर्क से जुड़े मुद्दों पर भी चर्चा करेंगे। भारत और स्विट्जरलैंड के बीच शिक्षा, पर्यटन, संस्कृति और व्यावसायिक गतिविधियों के माध्यम से लोगों के बीच संपर्क लगातार बढ़ रहा है। वार्ता के दौरान क्षेत्रीय और वैश्विक घटनाक्रमों पर भी विचारों का आदान-प्रदान होगा। दोनों नेता बहुपक्षीय मंचों पर भारत और स्विट्जरलैंड के बीच सहयोग को और प्रभावी बनाने के मुद्दे पर भी चर्चा कर सकते हैं।
फरवरी में भी भारत आए थे राष्ट्रपति पार्मेलिन
राष्ट्रपति गाइ पार्मेलिन का यह वर्ष 2026 में भारत का दूसरा महत्वपूर्ण दौरा होगा। इससे पहले वे फरवरी में नई दिल्ली में आयोजित एआई इम्पैक्ट समिट में शामिल होने भारत आए थे। उनकी वर्तमान यात्रा दोनों देशों के बीच उच्चस्तरीय संवाद की निरंतरता को दर्शाती है। राष्ट्रपति पार्मेलिन कल शाम राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु से भी मुलाकात करेंगे। इसके अलावा विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर के साथ भी उनकी बैठक प्रस्तावित है। इन बैठकों में द्विपक्षीय संबंधों के साथ-साथ अंतरराष्ट्रीय और क्षेत्रीय मुद्दों पर चर्चा होने की संभावना है।
7 अक्टूबर को भारत-ईएफटीए प्रोस्पेरिटी समिट
राष्ट्रपति गाइ पार्मेलिन की भारत यात्रा का एक महत्वपूर्ण पड़ाव 7 अक्टूबर को आयोजित होने वाला दूसरा भारत-ईएफटीए प्रोस्पेरिटी समिट होगा। यह शिखर सम्मेलन भारत-ईएफटीए व्यापार और आर्थिक साझेदारी समझौते के लागू होने की पहली वर्षगांठ के अवसर पर आयोजित किया जा रहा है। ईएफटीए यानी यूरोपीय मुक्त व्यापार संघ में स्विट्जरलैंड, आइसलैंड, नॉर्वे और लिकटेंस्टीन शामिल हैं। भारत के लिए ईएफटीए देशों में स्विट्जरलैंड सबसे बड़ा व्यापार और निवेश साझेदार है। ऐसे में प्रोस्पेरिटी समिट को भारत और ईएफटीए देशों के बीच आर्थिक सहयोग को आगे बढ़ाने के महत्वपूर्ण मंच के रूप में देखा जा रहा है।
भारत-स्विट्जरलैंड संबंधों को मिलेगी नई गति
भारत और स्विट्जरलैंड के बीच लंबे समय से मैत्रीपूर्ण और बहुआयामी संबंध रहे हैं। व्यापार, निवेश, विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी, शिक्षा, संस्कृति और लोगों के बीच संपर्क सहित कई क्षेत्रों में दोनों देशों का सहयोग लगातार आगे बढ़ रहा है। राष्ट्रपति गाइ पार्मेलिन की भारत यात्रा ऐसे समय हो रही है जब दोनों देश आर्थिक और तकनीकी साझेदारी को और व्यापक बनाने की दिशा में काम कर रहे हैं। माना जा रहा है कि इस यात्रा के दौरान होने वाली उच्चस्तरीय बैठकों और भारत-ईएफटीए प्रोस्पेरिटी समिट से द्विपक्षीय आर्थिक संबंधों को नई गति मिल सकती है।
भारत और स्विट्जरलैंड के बीच मजबूत होते संबंधों के बीच राष्ट्रपति पार्मेलिन की यह यात्रा दोनों देशों की साझेदारी को नई ऊंचाई देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित हो सकती है।



