पांवटा साहिब में सफाई कर्मचारियों की हड़ताल, शहर में जगह-जगह लगे कूड़े के ढेर
Sanitation workers on strike in Paonta Sahib piles of garbage accumulating across the city.

शिमला: सिरमौर जिले के पांवटा साहिब में नगर परिषद के सफाई कर्मचारियों की हड़ताल के चलते शहर की सफाई व्यवस्था प्रभावित हो गई है। ड्यूटी रोस्टर में किए गए बदलाव के विरोध में सफाई कर्मचारी काम से दूर हैं। कर्मचारियों ने अपनी मांगों के समर्थन में आक्रोश रैली निकालकर विरोध जताया और नगर परिषद प्रशासन के खिलाफ रोष व्यक्त किया। सफाई कर्मचारियों के काम पर नहीं आने के कारण पांवटा साहिब शहर के कई हिस्सों में नियमित रूप से कूड़ा नहीं उठाया जा सका। इसके चलते विभिन्न स्थानों पर कूड़े के ढेर दिखाई देने लगे हैं। लंबे समय तक सफाई व्यवस्था प्रभावित रहने से स्थानीय लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। वहीं, शहर की स्वच्छता व्यवस्था को लेकर भी चिंता बढ़ गई है। सफाई कर्मचारियों का मुख्य विरोध नगर परिषद की ओर से हाल ही में किए गए ड्यूटी रोस्टर में बदलाव को लेकर है।
मजदूर नेता प्रदीप और सफाई कर्मचारी रविंद्र सिंह के अनुसार, नगर परिषद ने कई सफाई कर्मचारियों को उनके पुराने कार्यस्थलों से हटाकर अलग-अलग वार्डों में तैनात किया है। कर्मचारियों का कहना है कि वे लंबे समय से जिन वार्डों और क्षेत्रों में काम कर रहे थे, वहां से अचानक स्थानांतरण किए जाने से उन्हें कई तरह की दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। कर्मचारियों ने मांग की है कि उन्हें दोबारा उन्हीं वार्डों में तैनात किया जाए, जहां वे पहले से अपनी सेवाएं दे रहे थे। कर्मचारियों ने स्पष्ट किया है कि जब तक उनकी मांगों पर सहमति नहीं बनती, तब तक वे काम पर वापस नहीं लौटेंगे। सफाई कर्मचारियों की समस्या को लेकर नगर परिषद प्रशासन ने बीते दिन देर शाम तक कर्मचारियों के साथ बातचीत की। प्रशासन की ओर से कर्मचारियों की समस्याओं को सुनने और समाधान निकालने का प्रयास किया गया, लेकिन वार्ता के दौरान किसी ठोस समाधान पर सहमति नहीं बन सकी।
वार्ता विफल रहने के बाद कर्मचारियों का विरोध जारी है और सफाई व्यवस्था भी सामान्य नहीं हो पाई है। सफाई कर्मचारियों ने केवल ड्यूटी रोस्टर में बदलाव ही नहीं, बल्कि ईएसआई कार्ड नहीं बनाए जाने सहित अन्य समस्याओं को लेकर भी नाराजगी जताई है। कर्मचारियों का कहना है कि उन्होंने अपनी समस्याओं के संबंध में प्रशासनिक अधिकारियों को पहले भी अवगत करवाया है। कर्मचारियों के अनुसार, इन मुद्दों को लेकर एसडीएम को भी जानकारी दी गई थी, लेकिन समस्याओं का समाधान नहीं होने के कारण उन्हें विरोध का रास्ता अपनाना पड़ा। सफाई कर्मचारियों की हड़ताल का सीधा असर शहर की सफाई व्यवस्था पर पड़ रहा है। नियमित कूड़ा उठान नहीं होने से कई जगह कूड़ा जमा हो गया है। स्थानीय लोगों को आशंका है कि यदि हड़ताल लंबी चलती है तो शहर में सफाई व्यवस्था और अधिक प्रभावित हो सकती है। फिलहाल कर्मचारियों और नगर परिषद प्रशासन के बीच गतिरोध बना हुआ है। कर्मचारियों ने अपनी मांगों को पूरा किए जाने तक आंदोलन जारी रखने की बात कही है।
अब देखना होगा कि नगर परिषद प्रशासन और सफाई कर्मचारियों के बीच दोबारा बातचीत के जरिए इस विवाद का समाधान निकलता है या नहीं।



