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स्वामी विवेकानंद डिजिटल जर्नलिज्म कॉन्क्लेव एवं नेशनल एक्सीलेंस अवॉर्ड्स 2026 का नई दिल्ली में आयोजन

Swami Vivekananda Digital Journalism Conclave and National Excellence Awards 2026 to be held in New Delhi.

नई दिल्ली: जिम्मेदार, नैतिक और भविष्य के लिए तैयार डिजिटल पत्रकारिता पर केंद्रित स्वामी विवेकानंद डिजिटल जर्नलिज्म कॉन्क्लेव एवं नेशनल एक्सीलेंस अवॉर्ड्स 2026 का आयोजन नई दिल्ली स्थित कॉन्स्टिट्यूशन क्लब ऑफ इंडिया में किया गया।राष्ट्रीय कॉन्क्लेव को रामकृष्ण परमहंस फाउंडेशन (RPF) द्वारा प्रस्तुत किया गया। इसका आयोजन जर्नलिस्ट एंड मीडिया एसोसिएशन (JMA) के सहयोग से तथा भारत सरकार के सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय द्वारा अनुमोदित डिजिटल न्यूज़ एवं करंट अफेयर्स पब्लिशर्स की लेवल-II स्व-नियामक संस्था जर्नलिस्ट एंड मीडिया एसोसिएशन ग्रीवांस काउंसिल (JMAGC) के संरक्षण में किया गया। कॉन्क्लेव में पत्रकारों, मीडिया पेशेवरों, कानूनी विशेषज्ञों, शिक्षाविदों, जनसंपर्क विशेषज्ञों, नीति-निर्माण से जुड़े प्रतिनिधियों, सामाजिक नेताओं, उद्योग जगत के प्रतिनिधियों तथा विभिन्न संगठनों के प्रतिनिधियों ने भाग लिया। इस दौरान भारत में तेजी से बदलते डिजिटल पत्रकारिता परिदृश्य से जुड़े विभिन्न पहलुओं पर विचार-विमर्श किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ रामकृष्ण मिशन विवेकानंद एजुकेशनल एंड रिसर्च इंस्टीट्यूट (RKMVERI) के प्रो-चांसलर पूज्य स्वामी आत्मप्रियानंद जी महाराज के आशीर्वचन एवं औपचारिक उद्घाटन के साथ हुआ। उन्होंने सत्य, चरित्र, जिम्मेदारी और सेवा के संदर्भ में श्री रामकृष्ण परमहंस और स्वामी विवेकानंद के विचारों की पत्रकारिता तथा सार्वजनिक संचार के क्षेत्र में निरंतर प्रासंगिकता पर प्रकाश डाला।

रामकृष्ण परमहंस फाउंडेशन के अध्यक्ष मोहन शुक्ल ने स्वागत भाषण दिया, जिसके बाद फाउंडेशन के सचिव अशिम कुमार मुखर्जी ने सभा को संबोधित किया। आयरलैंड और मालदीव में भारत के पूर्व राजदूत तथा भारतीय सांस्कृतिक संबंध परिषद (ICCR) के पूर्व महानिदेशक अखिलेश मिश्रा, IFS (सेवानिवृत्त) ने “India’s Voice in the Digital Age: Responsible Journalism, National Interest & India’s Emerging Global Role” विषय पर मुख्य वक्तव्य दिया। कूटनीति, शासन, कानून-व्यवस्था, नागरिक अधिकार, विमानन, सार्वजनिक नीति, पत्रकारिता और सामाजिक नेतृत्व सहित विभिन्न क्षेत्रों की प्रमुख हस्तियों की भागीदारी ने मीडिया, लोकतंत्र, प्रौद्योगिकी और समाज के बीच संबंधों पर व्यापक दृष्टिकोण प्रस्तुत किया। JMA और JMAGC के प्रमुख प्रतिनिधियों एवं पदाधिकारियों के साथ पत्रकारों, मीडिया पेशेवरों और विभिन्न विषयों के विशेषज्ञों ने कॉन्क्लेव के अलग-अलग सत्रों को संबोधित किया।

कॉन्क्लेव में जिम्मेदार डिजिटल पत्रकारिता, पत्रकारिता की नैतिकता और जवाबदेही, स्व-नियमन, डिजिटल अधिकार, सूचना का अधिकार (RTI) और पारदर्शिता, सार्वजनिक संचार, युवा एवं डिजिटल लोकतंत्र, क्षेत्रीय पत्रकारिता, मीडिया नेतृत्व, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) तथा भारत में पत्रकारिता के भविष्य जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चा हुई। वक्ताओं ने तेजी से बदलती तकनीक और संचार के नए माध्यमों के बीच पत्रकारों एवं डिजिटल मीडिया संस्थानों द्वारा सटीकता, विश्वसनीयता, पेशेवर नैतिकता और जवाबदेही बनाए रखने की बढ़ती जिम्मेदारी पर जोर दिया।

पत्रकारिता में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के बढ़ते प्रभाव पर भी चर्चा की गई। उभरती तकनीकों से मिलने वाले अवसरों को स्वीकार करते हुए इस बात पर विशेष जोर दिया गया कि प्रौद्योगिकी मानवीय विवेक, तथ्य-जांच, संपादकीय जिम्मेदारी और पेशेवर नैतिकता का स्थान नहीं ले सकती। भारत में तेजी से विस्तार कर रहे डिजिटल न्यूज़ इकोसिस्टम में जिम्मेदार पत्रकारिता को मजबूत करने के लिए प्रभावी स्व-नियमन व्यवस्था के महत्व पर भी विशेष रूप से विचार किया गया। स्वामी विवेकानंद नेशनल एक्सीलेंस अवॉर्ड्स 2026 कार्यक्रम का एक प्रमुख आकर्षण स्वामी विवेकानंद नेशनल एक्सीलेंस अवॉर्ड्स 2026 का वितरण रहा। पत्रकारिता, मीडिया, कूटनीति, सार्वजनिक सेवा, कानून, पुलिस, सार्वजनिक नीति, जनसंपर्क, संचार, शिक्षा, विमानन सहित विभिन्न पेशेवर और सामाजिक क्षेत्रों में उल्लेखनीय योगदान एवं उपलब्धियों के लिए प्रतिष्ठित व्यक्तियों को सम्मानित किया गया। सम्मानित प्रमुख हस्तियों में अखिलेश मिश्रा, IFS (सेवानिवृत्त); के.पी वेंकटेश्वर राव,  IPS; JMA एवं JMAGC के राष्ट्रीय अध्यक्ष वैसाख सुरेश; सुभाष चंद्र अग्रवाल; विजय सिंह बैंसला; डॉ. धनंजय गिरि; डॉ. सुमीत सुसीलन; डॉ. शैलेंद्र कुमार; डॉ. सुरेश गौर; डॉ. विजय कुमार पांडे; आदित्य नैय्यर; संदीप ग्रोवर; राघव शुक्ला; सुधीर शर्मा; भास्कर सान्याल; केशव श्रीवास्तव; प्रदीप कुमार और मोहम्मद रफीक खान सहित विभिन्न क्षेत्रों की अन्य प्रतिष्ठित हस्तियां शामिल रहीं। इन पुरस्कारों के माध्यम से पेशेवर उत्कृष्टता के साथ-साथ सार्वजनिक सेवा, ज्ञान, पारदर्शिता, जिम्मेदार संचार, संस्थागत निर्माण और सामाजिक विकास के क्षेत्र में किए गए योगदान को भी सम्मानित किया गया। श्री रामकृष्ण पर आधारित पुस्तक का विमोचन कार्यक्रम के दौरान अशिम कुमार मुखर्जी द्वारा लिखित और रामकृष्ण परमहंस फाउंडेशन द्वारा प्रकाशित पुस्तक “Sri Sri Ramakrishna Kathamrita – As I Have Understood” का भी विमोचन किया गया।

इस प्रकाशन ने कार्यक्रम को आध्यात्मिक और बौद्धिक आयाम प्रदान किया तथा समकालीन समाज के संदर्भ में श्री रामकृष्ण परमहंस की शिक्षाओं और उनकी स्थायी विरासत को रेखांकित किया। कॉन्क्लेव ने पेशेवर मानकों, जवाबदेही, नवाचार और प्रभावी स्व-नियमन पर आधारित जिम्मेदार, नैतिक और भविष्य के लिए तैयार डिजिटल मीडिया इकोसिस्टम विकसित करने की आवश्यकता पर बल दिया। साथ ही भारत के तेजी से विस्तार कर रहे डिजिटल मीडिया क्षेत्र में क्षमता निर्माण, कौशल विकास और जिम्मेदार उद्यमिता के महत्व को भी रेखांकित किया गया। धन्यवाद ज्ञापन, राष्ट्रगान और नेटवर्किंग सत्र के साथ कार्यक्रम का समापन हुआ। राष्ट्रीय सम्मेलन ने भारत के बदलते डिजिटल मीडिया परिदृश्य में विश्वसनीयता, जिम्मेदारी और पेशेवर मानकों को मजबूत करने का साझा संदेश दिया।

आयोजक: रामकृष्ण परमहंस फाउंडेशन (RPF)
सहयोग: जर्नलिस्ट एंड मीडिया एसोसिएशन (JMA)
संरक्षण: जर्नलिस्ट एंड मीडिया एसोसिएशन ग्रीवांस काउंसिल (JMAGC) – भारत सरकार के सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय द्वारा अनुमोदित डिजिटल न्यूज़ एवं करंट अफेयर्स पब्लिशर्स की Level-II Self-Regulatory Body

जिम्मेदार, नैतिक और भविष्य के लिए तैयार डिजिटल पत्रकारिता पर पत्रकारिता, कूटनीति, सार्वजनिक नीति, कानून, पुलिस, विमानन और संचार क्षेत्र की प्रमुख हस्तियों ने किया विचार-विमर्श

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