
धुले के सूखाग्रस्त क्षेत्रों का प्रभारी मंत्री जयकुमार रावल ने किया निरीक्षण
Jaykumar Rawal, the Minister in charge, inspected the drought-affected areas of Dhule.
महाराष्ट्र, धुले: धुले जिले में सूखे की स्थिति का जायजा लेने और किसानों की समस्याएं जानने के लिए प्रभारी मंत्री जयकुमार रावल ने बुधवार को शिंदखेड़ा और साक्री तहसील के विभिन्न गांवों का दौरा किया। उन्होंने शिंदखेड़ा तहसील के अमराले और अरावे तथा साक्री तहसील के छावड़ी क्षेत्र में खेतों का निरीक्षण किया और किसानों से बातचीत की। निरीक्षण के दौरान मंत्री ने कपास, मक्का सहित अन्य फसलों की स्थिति का जायजा लिया। किसानों ने बारिश की कमी के कारण फसलों को हुए नुकसान के साथ-साथ पीने के पानी, पशुधन के लिए चारे और आने वाले समय में परिवार के भरण-पोषण से जुड़ी समस्याएं उनके सामने रखीं। जयकुमार रावल ने प्रशासन को निर्देश दिए कि पात्र किसानों को सूखा राहत की सहायता समय पर मिल सके, इसके लिए पंचनामा और आवश्यक दस्तावेजों की प्रक्रिया तेजी से पूरी की जाए। उन्होंने कहा कि धुले जिले की चारों तहसीलें सूखा राहत के दायरे में हैं और पात्र किसानों तक सहायता जल्द पहुंचाना जरूरी है।
प्रभारी मंत्री ने आगामी बारिश तक पीने के पानी और पशुधन के लिए चारे की व्यवस्था को प्राथमिकता देने पर जोर दिया। उन्होंने उपलब्ध जल संसाधनों का उचित नियोजन करने की बात कही। साथ ही किसानों से पानी की हर बूंद बचाने और कम पानी में होने वाली फसलों तथा खेती के तरीकों पर विचार करने का आह्वान किया। मंत्री के दौरे का उद्देश्य सूखे से प्रभावित किसानों की वास्तविक स्थिति का जायजा लेना और प्रशासन के स्तर पर राहत एवं आवश्यक व्यवस्थाओं को गति देना रहा।
- उन्होंने राजस्व और कृषि विभागों को निर्धारित नियमों के अनुसार फसलों को हुए नुकसान का पंचनामा (आकलन) तुरंत पूरा करने को कहा है, ताकि पात्र किसानों को जल्द से जल्द राहत मिल सके।
- खेतों में खड़ी फसलों को बचाने और कुओं या उपलब्ध जल स्रोतों का अधिकतम उपयोग करने के लिए उन्होंने ऊर्जा विभाग को सुबह 8 बजे से शाम 6 बजे के बीच बिना रुकावट बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करने की योजना बनाने का निर्देश दिया।
- जिला प्रशासन को पीने का पानी, रोजगार, जल संरक्षण, खाद्यान्न आपूर्ति और पशुओं के लिए चारे की व्यवस्था को अपनी सर्वोच्च प्राथमिकता सूची में रखने का आदेश दिया गया है।
- मंत्री रावल ने सभी संबंधित एजेंसियों और अधिकारियों से इस गंभीर और संवेदनशील सूखे की स्थिति से निपटने के लिए मानवीय दृष्टिकोण अपनाकर काम करने की अपील की है।



