हिमाचल में मानसून से 3,000 करोड़ से ज्यादा का नुकसान, सेब उत्पादन में भी भारी गिरावट
Monsoon causes losses exceeding ₹3,000 crore in Himachal sharp decline in apple production too.

हिमाचल प्रदेश, शिमला: हिमाचल प्रदेश में इस साल मानसून के दौरान भारी बारिश, भूस्खलन और अन्य प्राकृतिक आपदाओं से बड़े पैमाने पर नुकसान हुआ है। राजस्व एवं बागवानी मंत्री जगत सिंह नेगी ने कहा कि प्रदेश में मानसून से अब तक 3,000 करोड़ रुपये से अधिक का नुकसान दर्ज किया गया है। राज्य आपदा प्रबंधन के आंकड़ों के अनुसार 28 सितंबर तक मानसून से जुड़ा संचयी नुकसान 3,220 करोड़ रुपये से अधिक पहुंच चुका था। नुकसान का आकलन करने के लिए केंद्र की टीमें भी प्रभावित क्षेत्रों का दौरा कर रही हैं। जगत सिंह नेगी ने बताया कि बारिश और आपदा से सड़क, पुल, पेयजल योजनाओं, कृषि और बागवानी समेत कई क्षेत्रों को नुकसान पहुंचा है। केंद्र की अंतर-मंत्रालयी टीम प्रभावित इलाकों में पहुंचकर नुकसान का जमीनी आकलन कर रही है। राज्य सरकार की ओर से केंद्र से राहत और पुनर्वास के लिए आर्थिक सहायता की मांग भी की गई है।
मानसून और खराब मौसम का असर हिमाचल के प्रमुख बागवानी उत्पाद सेब पर भी पड़ा है। जगत सिंह नेगी के मुताबिक इस साल अब तक करीब 1.14 करोड़ सेब की पेटियां मंडियों में पहुंची हैं, जबकि पिछले साल इसी अवधि में लगभग 1.76 करोड़ पेटियां मंडियों में पहुंची थीं। मंत्री ने कहा कि मौसम की मार के कारण इस बार सेब उत्पादन में भारी गिरावट देखने को मिल रही है। किसानों और बागवानों को राहत देने के लिए सरकार मंडी मध्यस्थता योजना के तहत खरीद मूल्य बढ़ाने का प्रस्ताव आगामी कैबिनेट बैठक में रखेगी।
राजस्व मंत्री जगत सिंह नेगी ने SIR यानी Special Intensive Revision को लेकर भी चुनाव आयोग और केंद्र सरकार पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण की प्रक्रिया को लेकर उनकी चिंताएं हैं और इससे मतदाताओं के अधिकार प्रभावित होने की आशंका है। हिमाचल प्रदेश को SIR के तीसरे चरण में शामिल नहीं किया गया था। चुनाव आयोग की ओर से राज्य के लिए प्रक्रिया और कार्यक्रम बाद में घोषित किए जाने की बात सामने आई थी।
किन्नौर कांग्रेस में चल रहे संगठनात्मक विवाद पर भी जगत सिंह नेगी ने प्रतिक्रिया दी। कांग्रेस प्रभारी रजनी पाटिल के अनुशासन संबंधी बयान पर उन्होंने कहा कि पार्टी का अनुशासन सभी नेताओं और कार्यकर्ताओं पर समान रूप से लागू होना चाहिए। नेगी ने कहा कि उन्होंने अपनी बात पार्टी के मंच पर रखी है और संगठन से जुड़े मुद्दों को पार्टी फोरम के भीतर ही उठाया है। उन्होंने संकेत दिया कि पार्टी के आंतरिक मामलों को संगठन के स्तर पर ही सुलझाया जाना चाहिए।
हिमाचल प्रदेश में कैबिनेट विस्तार को लेकर पूछे गए सवाल पर जगत सिंह नेगी ने कहा कि मंत्रिमंडल का विस्तार मुख्यमंत्री के अधिकार क्षेत्र का विषय है। उन्होंने कहा कि यदि कैबिनेट विस्तार किया जाना है तो इसे समय रहते किया जाना चाहिए। फिलहाल कैबिनेट विस्तार को लेकर कोई निश्चित तारीख या नए मंत्रियों के नामों की आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है। हिमाचल प्रदेश में मानसून से हुए भारी नुकसान के साथ-साथ सेब उत्पादन में गिरावट ने राज्य सरकार के सामने बड़ी चुनौती खड़ी की है। इसी बीच SIR, किन्नौर कांग्रेस विवाद और कैबिनेट विस्तार जैसे राजनीतिक मुद्दों पर राजस्व मंत्री जगत सिंह नेगी के बयान से राज्य की सियासत भी गरमाई हुई है।



