फुलबसिया साइडिंग के पास CISF की बड़ी कार्रवाई, 250 टन कोयला जब्त
Major operation by CISF near Phulbasia siding 250 tonnes of coal seized.

झारखंड, रांची: कोयला चोरी, हेराफेरी और अवैध भंडारण के खिलाफ केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (CISF) ने बड़ी कार्रवाई की है। CISF ने झारखंड के लातेहार जिले में CCL की फुलबसिया साइडिंग के पास एक सुनसान स्थान से करीब 250 टन ग्रेड-9 कोयला जब्त किया है। यह कार्रवाई खुफिया सूचना के आधार पर की गई। अधिकारियों के मुताबिक, CISF को फुलबसिया साइडिंग के आसपास कोयले के संदिग्ध तरीके से जमा किए जाने और अवैध भंडारण की सूचना मिली थी। इसके बाद 23 सितंबर 2026 को सुबह करीब 11 बजे CISF की टीम ने त्वरित प्रतिक्रिया दल (QRT) के सहयोग से चिन्हित स्थान पर छापा मारा। तलाशी के दौरान लगभग 250 टन ग्रेड-9 कोयला बरामद हुआ। यह कार्रवाई इसलिए भी महत्वपूर्ण मानी जा रही है क्योंकि 19 सितंबर 2026 को CCL के मगध और आम्रपाली क्षेत्रों में CISF की औपचारिक तैनाती के बाद यह उसकी पहली बड़ी प्रवर्तन कार्रवाई बताई गई है। नई तैनाती का उद्देश्य कोयला चोरी, पिलफेरेज, अनधिकृत भंडारण और अवैध परिवहन को रोकने के लिए सुरक्षा और निगरानी व्यवस्था मजबूत करना है।
जांचकर्ताओं को आशंका है कि साइडिंग क्षेत्र से कोयले को छोटे-छोटे हिस्सों में निकालकर सक्रिय खनन और परिचालन क्षेत्रों से दूर सुनसान जगहों पर जमा किया जा रहा था। इसके बाद इस कोयले को बड़े वाणिज्यिक वाहनों, जैसे ट्रकों और हाईवा, के जरिए आगे ले जाने की तैयारी थी। अधिकारियों ने यह भी बताया कि छोटी मात्रा में कोयला ले जाने के लिए अस्थायी साइकिलनुमा साधनों का इस्तेमाल किए जाने की प्रारंभिक जानकारी सामने आई है। एक चक्कर में करीब आधा टन कोयला ले जाने की बात कही गई है।
CISF की टीम ने संभाली कार्रवाई
इस अभियान का नेतृत्व उप कमांडेंट अजय पांडे ने किया। उनके साथ सहायक कमांडेंट सुभाष कुमार और हर्ष लवानिया मौजूद थे। अभियान की निगरानी कमांडेंट अमीर कुमार ने की।
Zero Coal Leakage पर फोकस
CISF की इस कार्रवाई को कोयला उत्पादन और परिवहन श्रृंखला में होने वाली संभावित चोरी एवं हेराफेरी को रोकने के व्यापक प्रयास से जोड़कर देखा जा रहा है। आगे भी इंटेलिजेंस आधारित अभियान चलाकर ऐसे स्थानों की पहचान की जाएगी जहां कोयला चोरी, अवैध भंडारण या अवैध परिवहन की आशंका हो। फुलबसिया साइडिंग CCL के मगध क्षेत्र से जुड़ी है और वहां रेलवे के जरिए कोयले के परिवहन की व्यवस्था है। सरकारी कोयला मंत्रालय के दस्तावेजों में भी फुलबसिया साइडिंग को CCL के मगध क्षेत्र की साइडिंग के रूप में संदर्भित किया गया है। 250 टन कोयले की जब्ती की पुष्टि है।
जब्त कोयले के अंतिम स्वामित्व, आगे की कानूनी कार्रवाई या किसी आरोपी की गिरफ्तारी के संबंध में उपलब्ध स्रोतों में विस्तृत जानकारी नहीं दी गई है।



